
Hyundai Motor India के शेयर में भारी तेजी देखने को मिली है। (PC: AI)
Hyundai Motor Share Brokerage View: हुंडई मोटर इंडिया के जून तिमाही के नतीजे पहली नजर में ज्यादा उत्साहित करने वाले नहीं थे। मुनाफा घटा, एक्सपोर्ट में गिरावट आई और उत्पादन भी प्रभावित हुआ। इसके बावजूद शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। एनएसई पर यह शेयर कारोबार के दौरान करीब 9.4% तक उछलकर 2,208 रुपये पर पहुंच गया। एनएसई पर यह शेयर 8.17 फीसदी या 164.80 रुपये की बढ़त के साथ 2183 रुपये पर बंद हुआ है। शेयर में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी का भविष्य को लेकर भरोसेमंद रुख रहा। मैनेजमेंट ने कहा है कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष FY27 के लिए तय किए गए टार्गेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि पहली तिमाही की चुनौतियों के बावजूद हुंडई का लंबी अवधि का ग्रोथ प्लान मजबूत बना हुआ है। कंपनी लगातार नए प्रोडक्ट लॉन्च की तैयारी कर रही है और FY27 में दो नए मॉडल बाजार में उतारने की योजना है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नए मॉडल कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करेंगे, जबकि मौजूदा कारों के नए वर्जन बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, कीमतों में संभावित संशोधन और लागत पर नियंत्रण से आने वाली तिमाहियों में मार्जिन सुधरने की उम्मीद है।
निर्यात कारोबार को लेकर भी ब्रोकरेज पॉजिटिव है। ऑर्डर बुक मजबूत है और कंपनी नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी ध्यान दे रही है। इसी भरोसे के साथ आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 2,450 रुपये का टार्गेट प्राइस तय किया है।
अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 33.89% घटकर 883 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,335.75 करोड़ रुपये था। परिचालन से होने वाला राजस्व भी करीब 1% घटकर 15,865.38 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 16,025 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुताबिक जून महीने में उसके सप्लायर मोबिस की फैक्ट्री में आग लगने से कुछ समय के लिए उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के कारण निर्यात कारोबार पर भी असर पड़ा।
हुंडई मोटर इंडिया के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि कंपनी को भरोसा है कि FY27 में घरेलू और निर्यात, दोनों बाजारों में 8% से 10% तक वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की जाएगी। साथ ही EBITDA मार्जिन 11% से 14% के बीच रहने का अनुमान भी बरकरार रखा गया है। उनका कहना है कि पहली तिमाही कई चुनौतियों से भरी रही, लेकिन अब उत्पादन पूरी तरह सामान्य हो चुका है। अच्छी मांग और आने वाले नए मॉडल्स की वजह से दूसरी तिमाही से कारोबार में तेजी लौटने की उम्मीद है।
पहली तिमाही में हुंडई ने कुल 1,78,082 व्हीकल बेचे। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 1,80,399 थी। हालांकि, घरेलू बाजार में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। भारत में बिक्री 5.4% बढ़कर 1,39,374 यूनिट हो गई, जबकि एक साल पहले यह 1,32,259 यूनिट थी। दूसरी ओर निर्यात कारोबार कमजोर रहा। एक्सपोर्ट 19.6% गिरकर 38,708 यूनिट रह गया, जो पिछले साल 48,140 यूनिट था। कंपनी का कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट में जारी हालात की वजह से उसके मिडिल ईस्ट निर्यात पर दबाव बना रहा। जून में उत्पादन प्रभावित होने से भी निर्यात पूरी क्षमता से नहीं हो पाया।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
31 Jul 2026 03:41 pm
Published on:
31 Jul 2026 03:39 pm
