PM Mudra Loan: यह योजना खास तौर पर छोटे दुकानदार, ठेले-खोमचे वाले, स्ट्रीट वेंडर, ब्यूटी पार्लर, टेलर, वर्कशॉप मालिक, छोटे मैन्युफैक्चरर, MSME और स्टार्टअप, स्वरोजगार करने वाले लोगों के लिए है।
अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, जैसे- ब्यूटी पार्लर, कोई खिलौने की दुकान या फिर छोटा-मोटा से फूड स्टॉल खोलना चाहते हैं, लेकिन पैसे नहीं हैं और बैंक से लोन लेंगे तो गिरवी रखने के लिए भी कुछ चाहिए। तो घबराएं नहीं, आपकी यही मुश्किल आसान करती है प्रधानमंत्री मुद्रा (MUDRA) योजना। जो कि भारत सरकार की एक योजना है, जिसका मकसद छोटे कारोबारियों, स्वरोजगार करने वालों और नए उद्यमियों को बिना गारंटी (Collateral-free) लोन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना बिज़नेस शुरू कर सकें या बढ़ा सकें।
यह योजना खास तौर पर गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि छोटे कारोबारों के लिए है। जैसे छोटे दुकानदार, ठेले-खोमचे वाले, स्ट्रीट वेंडर, ब्यूटी पार्लर, टेलर, वर्कशॉप मालिक, ऑटो/टैक्सी ड्राइवर, छोटे मैन्युफैक्चरर, MSME और स्टार्टअप, स्वरोजगार करने वाले लोग। इस योजना में बिजनेस शुरू करने वाले नए उद्यमियों और महिलाओं को विशेष प्राथमिकता मिलती है। इस योजना का लाभ बड़े-बड़े कॉरपोरेट्स या बिजनेस करने वाले नहीं ले सकते, साथ ही कृषि से जुड़े बिजनेस भी इसके दायरे में नहीं आते हैं।
मुद्रा लोन को 4 कैटेगरी में बांटा गया है। इस योजना के तहत अब आपको 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है, जबकि पहले यह सीमा 10 लाख रुपये तक थी। इस योजना का फायदा बिल्कुल छोटा सा बिजनेस शुरू करने वालों को भी मिलता है और जो अपना बिजनेस विस्तार करना चाहते हैं, उनको भी मिलता है। आप किस कैटेगरी में आते हैं, उसी हिसाब से आपको लोन मिल जाता है।
MUDRA लोन के लिए आवेदन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन
ऑफलाइन आवेदन
नजदीकी बैंक ब्रांच, NBFC या MFI में जाएं। सीधे बैंक से बात करें किसी बिचौलिये के चक्कर में न पड़ें. अपने साथ सभी दस्तावेज लेकर चलें, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट वगैरह। आप बैंक में सारी फॉर्मेलिटीज पूरी करके अप्लाई करें. करोड़ों लोगों को इस मुद्रा लोन का लाभ मिल चुका है। आप भी आसानी से अप्लाई करके लोन लेकर अपना काम शुरू कर सकते हैं।
जब आप मुद्रा लोन के लिए अप्लाई करने जाएं तो कुछ बातों का खास ख्याल रहे। मुद्रा लोन में सरकार सीधे तौर पर आपको लोन नहीं देती है, वो बैंकों को पैसा देती है, बैंक आपको लोन देते हैं. मुद्रा लोन में सरकार सब्सिडी नहीं देती है और न ही ब्याज दरें तय करती है। बैंक ब्याज की दरें तय करते हैं, जो कि औसतन 10-12% तक हो सकता है। इस लोन को 1-7 वर्षों में चुकाना होता है।