
निवेश आकर्षित करने की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहे राज्यों के बीच राजस्थान अब अपनी रणनीति बदलने जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के जरिए सेक्टरवाइज रोडमैप तैयार कर निवेशकों को स्पष्ट दिशा देने की कोशिश है। अब तक बिखरे फोकस और धीमी क्रियान्वयन गति के कारण कई संभावनाओं के बावजूद निवेश सीमित रहा। ऐसे में राज्य सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने और औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए जल्द ही नई औद्योगिक नीति लाने की तैयारी में है। नीति का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। नीति के तहत मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, टेक्सटाइल, रिन्यूएबल पर्यटन, एनर्जी, आइटी-आइटीईएस और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर अलग अलग फोकस रखा जाएगा।
हर सेक्टर के लिए निवेश, उत्पादन और रोजगार सृजन के स्पष्ट लक्ष्य तय किए जा रहे हैं, ताकि योजनाबद्ध तरीके से विकास सुनिश्चित हो सके। जमीन आवंटन, बिजली-पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स सुधार को भी प्राथमिकता दी जाएगी।