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Loan नहीं चुकाया तो क्या बैंक लॉक कर पाएंगे आपका फोन? जानिए क्या कहती है RBI की नई गाइडलाइन

RBI Loan Recovery Rules 2027: RBI ने 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए लोन रिकवरी नियम जारी किए हैं। नियमों के अनुसार बैंक मोबाइल लोन की किस्त नहीं चुकाने पर फोन लॉक कर सकते हैं। लेकिन बैंक कब मोबाइल लॉक कर सकेंगे, कौन-सी सुविधाएं बंद नहीं कर पाएंगे, इसके लिए डिटेल्ड गाइडलाइन है, जिसका पालन करना होगा।
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Aug 07, 2026
RBI Loan Recovery
आरबीआई ने लोन रिकवरी से जुड़ी नई गाइडलाइन जारी की है। (फोटो: AI)

Mobile Lock By Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन रिकवरी को लेकर नया फ्रेमवर्क जारी किया हैं, जो 1 जनवरी 2027 से सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होगा। इन नियमों का उद्देश्य बैंकों को बकाया वसूली की स्पष्ट गाइडलाइन देना और साथ ही ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आजकल EMI पर मोबाइल लेना आम बात हो गई है। ऐसे में फाइनेंस कंपनियां किस्त न चुका पाने पर मोबाइल को रिमोटली लॉक कर देती हैं। इस संबंध में भी बैंक ने डिटेल्ड गाइडलाइन जारी की है। इसके साथ ही अगर बैंक किसी बाहरी एजेंसी से रिकवरी करवाते हैं, तब भी उसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक की ही होगी।

मोबाइल लॉक कब होगा?

अगर किसी ग्राहक ने बैंक से मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए लोन लिया है, तभी बैंक तकनीक के जरिए उस डिवाइस की कुछ सुविधाओं पर रोक लगा सकेंगे। इसके लिए यह शर्त लोन एग्रीमेंट में पहले से लिखी होना जरूरी है। RBI के अनुसार, लोन की किस्त 30 दिन तक बकाया रहने पर ही सीमित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यदि 60 दिन तक भुगतान नहीं होता है, तभी लोन समझौते के अनुसार अधिक व्यापक प्रतिबंध लागू किए जा सकेंगे। यानी बैंक तुरंत मोबाइल लॉक नहीं कर सकते, बल्कि उन्हें तय प्रक्रिया का पालन करना होगा।

Source: RBI (RBI's new guidelines regarding mobile phones)

बैंक क्या नहीं कर सकता?

नए नियमों के तहत बैंक कुछ जरूरी सुविधाओं को किसी भी स्थिति में बंद नहीं कर सकते। इनमें इनकमिंग कॉल, एसएमएस और इमरजेंसी SOS सेवा शामिल हैं। इसके अलावा बैंक या उसकी तकनीकी सेवा देने वाली कंपनी ग्राहक के मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, जैसे फोटो, कॉन्टैक्ट, मैसेज, कॉल लॉग और लोकेशन हिस्ट्री तक पहुंच नहीं बना सकती।

बात करें फोन अनलॉक की तो यदि ग्राहक बकाया राशि चुका देता है, तो बैंक को एक घंटे के भीतर मोबाइल की सभी सुविधाएं बहाल करनी होंगी। तय समय से अधिक देरी होने पर बैंक को 250 रुपये प्रति घंटे की दर से मुआवजा देना होगा। हालांकि, यह मुआवजा कुल लोन राशि से अधिक नहीं होगा।

उधारकर्ताओं को मिले नए अधिकार

RBI ने रिकवरी प्रक्रिया को अधिक सम्मानजनक बनाने के लिए भी नए नियम बनाए हैं। रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही ग्राहक से संपर्क कर सकेंगे, जब तक कि ग्राहक स्वयं किसी अन्य समय की अनुमति न दे। एजेंट न तो धमकी दे सकते हैं, न ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं। वे रिश्तेदारों, पड़ोसियों या अन्य लोगों के सामने ग्राहक के लोन की जानकारी भी साझा नहीं कर सकते।

Source: RBI (New RBI guidelines regarding recovery agents)

बैंक की जिम्मेदारी भी बढ़ी

नए नियमों के तहत हर बैंक को रिकवरी से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए अलग व्यवस्था बनानी होगी। लोन दस्तावेजों और रिकवरी से जुड़े सभी पत्रों में शिकायत अधिकारी की जानकारी देना अनिवार्य होगा। रिकवरी से जुड़ी सभी कॉल रिकॉर्ड की जाएंगी और उनका रिकॉर्ड कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा।

इसके अलावा, बैंक को रिकवरी एजेंसियों की नियमित निगरानी करनी होगी। यदि कोई एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होगी। इससे ग्राहकों को शिकायत की स्थिति में सीधे बैंक से जवाबदेही तय करने का अधिकार मिलेगा।

Updated on:
07 Aug 2026 02:17 pm
Published on:
07 Aug 2026 02:15 pm