कारोबार

चीन से आई एक खबर और उछल गए रिलायंस और MRPL जैसी रिफाइनरी कंपनियों के शेयर, सरकारी तेल कंपनियों में भी तेजी

Refinery Companies Share: भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में आज भारी तेजी देखी जा रही है। पीएसयू ऑयल कंपनियों के शेयर भी उछल गए हैं।

2 min read
Mar 05, 2026
Refinery Companies Share
पीएसयू ऑयल कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है। (PC: AI)

Reliance Share Price: शेयर बाजार के निवेशकों ने आज राहत की सांस ली हैं। मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते बाजार में जो जबरदस्त बिकवाली देखने को मिल रही थी, वो आज थम गई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक आज 414 अंक की बढ़त लेकर खुला और शुरुआती कारोबार में भी तेजी देखी जा रही है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी बढ़त के साथ 24,556 पर ट्रेड करता दिखा। आज सबसे अधिक तेजी मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में देखी जा रही है।

रिफाइनिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी

रिलायंस इंडस्ट्रीज, चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, एमआरपीएल और अन्य रिफाइनिंग कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को 5% तक की तेजी देखने को मिली है। इसकी वजह यह खबर रही कि चीन डीजल और पेट्रोल के निर्यात को अस्थायी रूप से रोकने की योजना बना रहा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 3% उछल गया, जबकि चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के शेयर 5.4% तक चढ़ गए। वहीं, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (MRPL) के शेयरों में भी लगभग 5.72% तक की तेजी देखी गई।

पीएसयू ऑयल कंपनियों के शेयर भी उछले

पीएसयू ऑयल कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के शेयर 2.87% तक चढ़े, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयरों में 2.37% की तेजी आई, जबकि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) का शेयर 1.37% ऊपर बंद हुआ।

क्रूड ऑयल में आज भी भारी तेजी

उधर क्रूड ऑयल की कीमतों में आज भी बड़ी तेजी देखी जा रही है। क्रूड ऑयल WTI गुरुवार सुबह 3.88 फीसदी या 2.90 डॉलर की बढ़त के साथ 77.56 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, ब्रेंट ऑयल 1.94 फीसदी या 1.59 डॉलर की बढत के साथ 84.10 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा।

चीन का बड़ा फैसला

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के कारण दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है। इसी वजह से चीन की सरकार ने देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनिंग कंपनियों को डीजल और पेट्रोल के निर्यात को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि चीन के शीर्ष आर्थिक नियामक नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) के अधिकारियों ने रिफाइनरी कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की और मौखिक रूप से तुरंत प्रभाव से रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को रोकने के लिए कहा।

रिफाइनरियों को नए निर्यात समझौते करने से रोकने और पहले से तय शिपमेंट को रद्द करने या पुनः बातचीत करने के लिए भी कहा गया है। हालांकि, जेट फ्यूल और बंकर फ्यूल जो बॉन्डेड स्टोरेज में रखा गया है, साथ ही हांगकांग और मकाऊ को होने वाली सप्लाई को इस फैसले से छूट दी गई है।

बढ़ सकता है रिफाइनिंग मार्जिन

चीन की प्रमुख रिफाइनिंग कंपनियां जैसे पेट्रोचाइना, साइनोपेक, सीएनओओसी, साइनोकेम ग्रुप और निजी रिफाइनर झेजियांग पेट्रोकेमिकल को सरकार की ओर से नियमित रूप से ईंधन निर्यात के लिए कोटा दिया जाता है।

चीन एशिया में रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के सबसे बड़े सप्लाई सोर्सेस में से एक है। चीन का यह फैसला रिफाइनिंग मार्जिन को बढ़ा सकता है। LSEG के प्राइसिंग डेटा के अनुसार, गुरुवार को डीजल प्रोसेसिंग मार्जिन लगभग 49 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जो करीब तीन साल के उच्च स्तर के करीब है। वहीं, जेट फ्यूल क्रैक स्प्रेड भी 55 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था।

Published on:
05 Mar 2026 11:06 am