KFC Pizza Hut franchise merger: सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड और देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड का मर्जर होने वाला है। इस खबर के सामने आने से दोनों कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं।
Sapphire Foods Devyani International merger: क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड और देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड का मर्जर होने वाला है। दोनों ही कंपनियां KFC और पिज़्ज़ा हट की फ्रेंचाइजी चलाती हैं। ऐसे में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस विलय के बाद भारत में केएफसी और पिज्जा हट के लिए एक ही एकीकृत फ्रेंचाइजी अस्तित्व में आएगी।
पिछले कुछ समय से फास्ट-फूड फ्रेंचाइजी धीमी बिक्री और मार्जिन पर दबाव का सामना कर रही हैं। बढ़ती महंगाई के चलते लोगों ने बाहर खाना-पीना पहले की तुलना में कुछ कम किया है। इसके अलावा, ऑर्डर में भी गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में देवयानी और सफायर फूड्स का एक साथ आना उन्हें बाजार में मजबूती से जमे रहने में मदद करेगा। ET की रिपोर्ट के अनुसार, इस डील के तहत देवयानी, सफायर के हर 100 शेयरों के बदले 177 शेयर जारी करेगी। उम्मीद है कि एक कंबाइंड कंपनी के अस्तित्व में आने के दूसरे वर्ष से सालाना 210 करोड़ से 225 करोड़ रुपए का फायदा होगा।
दोनों कंपनियों के बोर्ड ने विलय की मंजूरी दे दी है, लेकिन इसमें अभी समय लग सकता है। क्योंकि इसके लिए स्टॉक एक्सचेंज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के साथ-साथ शेयरधारकों की मंजूरी अभी बाकी है। माना जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया में कम से कम 12 से 15 महीने का समय लग सकता है। सफायर फूड्स और देवयानी इंटरनेशनल, दोनों ही यम ब्रांड्स की पार्टनर हैं। यम ब्रांड्स अमेरिका की दिग्गज फूड कंपनी है, जिसके पास केएफसी, पिज्जा हट और टाको बेल जैसे ब्रांड हैं। फायर फूड्स और देवयानी फिलहाल KFC और पिज़्ज़ा हट डाइन-इन रेस्टोरेंट सहित भारत और विदेशों में 3000 से अधिक आउटलेट चलाती हैं। इनका मुकाबला मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज़ पिज़्ज़ा चेन के भारतीय ऑपरेटरों - वेस्टलाइफ़ फ़ूडवर्ल्ड और जुबिलेंट फ़ूडवर्क्स से है।
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, विलय पूरा होने के बाद देवयानी इंटरनेशनल भारत में सबसे बड़े क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) ऑपरेटरों में से एक बन जाएगी। वहीं, कंपनियों की आर्थिक स्थिति की बात करें, तो उनके लिए पिछला कुछ समय खास अच्छा नहीं रहा है। सितंबर में खत्म हुई तिमाही में सफायर की कंसोलिडेटेड कुल लागत साल-दर-साल 10% बढ़कर 768 करोड़ रुपए हो गई है। जबकि देवयानी की कुल लागत 14.4% बढ़कर 1,408 करोड़ रुपए हुई है। देवयानी ने 30 सितंबर को खत्म हुई तिमाही के लिए 21.9 करोड़ का नेट लॉस की जानकारी दी थी। एक साल पहले कंपनी ने तगड़ा प्रॉफिट कमाया था। इसी तरह, सफायर को 12.77 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा है।
इस खबर के सामने आने के बाद दोनों कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं। पिछले सत्र में Sapphire Foods India का स्टॉक बढ़त के साथ 264 रुपए पर कारोबार कर रहा था। जबकि Devyani International नुकसान के साथ 145.70 रुपए पर पहुंच गया था। जानकारों का मानना है कि विलय के बाद इन कंपनियों को आपस में प्रतियोगिता नहीं करनी पड़ेगी। वह मार्केट के दूसरे प्रतियोगियों के खिलाफ अधिक मजबूती से उतर पाएंगी। इससे उनकी बैलंसशीट के बेहतर होने की संभावना भी बनी रहेगी।