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Motor Insurance Claim: एसबीआई जनरल इंश्योरेंस ने लॉन्च की नई सेटलमेंट स्कीम, फटाफट मिलेगा क्लेम

  फास्टलेन क्लेम सेटलमेंट ( Fastlane Claim Settlement ) का मकसद ग्राहकों को अपने कम मूल्य के क्लेम का सेटलमेंट तुरंत दिलाना है। इससे ग्राहकों के सेटलमेंट का समय घटकर बहुत कम समय रह जाएगा।

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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में लोगों को होने वाली आर्थिक समस्याओं से निजात दिलाने के लिए एसबीआई जनरल इंश्योरेंस ( SBI General Insurance ) ने एक खास मोटर इंश्योरेंस स्कीम लॉन्च की है। इस नई सेवा का नाम है फास्टलेन क्लेम सेटलमेंट ( Fastlane Claim Settlement )। इसे एक वैल्यू-ऐड सर्विस के तौर पर पेश किया गया है। इसके तहत ग्राहकों के क्लेम का सेटलमेंट बेहद जल्द और कम समय में हो जाएगा। इसका मकसद ग्राहकों को अपने कम मूल्य के मोटर इंश्योरेंस क्लेम ( Motor Insurance Claim ) का सेटलमेंट तुरंत दिलाना है। इसमें आगे बताया गया है कि इससे ग्राहकों के सेटलमेंट का समय घटकर बहुत कम समय रह जाएगा।

कम समय में क्लेम डिलिवर करने पर जोर

एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के हेड क्लेम और डिजिटल अतुल देशपांडे ने फास्टलेन क्लेम सेटलमेंट के लॉन्च पर कहा कि SBI जनरल ने हमेशा ग्राहकों पर केंद्रित समाधानों को डिलीवर करने पर ध्यान दिया है, जिससे ग्राहकों की संतुष्टि उनकी खुशी में बदल जाती है। वे इस बात पर बहुत भरोसा करते हैं कि टेक्नोलॉजी और डिजिटल सोल्यूशंस ग्राहकों के अनुभव को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। फास्टलेन क्लेम सेटलमेंट के साथ, उनका लक्ष्य मोटर व्हीकल क्लेम के सेटलमेंट के समय को कम करना है, जिससे फिजिकल निरीक्षण, डॉक्यूमेंटेशन के लिए जरूरी समय घटे।

3 कस्टमर सेगमेंट पर काम कर रही है एसबीआई

SBI जनरल सबसे तेजी से बढ़ती निजी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में से एक है जिसमें एसबीआई का मजबूत हिस्सा शामिल है। कंपनी वर्तमान में तीन कस्टमर सेगमेंट रिटेल सेगमेंट ( इंडीविजुअल और परिवारों के लिए), कॉरपोरेट सेगमेंट ( मध्य से बड़े आकार की कंपनियों के लिए ) और SME सेगमेंट में काम कर रही है।

बिना बीमा के वाहन चलाना दंडनीय अपराध

भारत में अपना वाहन खरीदने वाले हर शख्स के लिए वाहन बीमा यानी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना अनिवार्य है। यह कार, टूव्हीलर या कमर्शियल गाड़ी तीनों के मामले में लागू होता है। बिना बीमा के सार्वजनिक स्थल पर मोटर व्हीकल चलाना मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के अनुसार एक दंडनीय अपराध है।

Updated on:
26 Jul 2021 05:09 pm
Published on:
26 Jul 2021 05:07 pm
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