
भारतीय शेयर बाजार आज सोमवार को भारी-भरकम बढ़त लेकर बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 1.66 फीसदी या 1233 अंक की बढ़त लेकर 75,692 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 1.68 फीसदी या 387 अंक की बढ़त के साथ 23,440 पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 23 शेयर हरे निशान पर और 7 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। सेंसेक्स पैक में सबसे अधिक तेजी रिलायंस के शेयर में 11.64 फीसदी दर्ज हुई। आइए जानते हैं कि बाजार में आज की तेजी के पीछे कौन-से प्रमुख कारण रहे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार को राहत मिली है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी WTI क्रूड की कीमतों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई। ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच लगातार तीसरे दिन बातचीत जारी रहने से युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की उम्मीद बढ़ी है। इस साल फरवरी में शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध ने एनर्जी मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव पैदा किया है।
दिग्गज कंपनियों के मजबूत नतीजों ने बाजार में तेजी को सपोर्ट दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 11.64% की भारी तेजी दर्ज की गई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 25,548 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 18,165 करोड़ रुपये से करीब 41% ज्यादा है। रिलायंस के शेयरों में तेजी का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी भी तेजी की बड़ी वजह है। पिछले महीने और अक्टूबर के पहले पखवाड़े में लगातार बिकवाली करने के बाद विदेशी निवेशक अब भारतीय शेयरों में शुद्ध खरीदारी कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने करीब 1.2 अरब डॉलर के भारतीय शेयर खरीदे। शुक्रवार को भी उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,599 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ जाता है। इसके उलट, जब ये निवेशक खरीदारी शुरू करते हैं, तो बाजार को सहारा मिलता है।
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन यानी LTCG टैक्स में संभावित राहत की चर्चा ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सरकार को विदेशी निवेशकों पर लगने वाला LTCG टैक्स हटाने और घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को टैक्स राहत देने का सुझाव दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस महीने की शुरुआत में LTCG टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर चर्चा जारी होने की बात कही थी।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मामूली सुधार दर्ज किया गया। रुपया सोमवार को 94.8850 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 94.95 था। LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट से त्योहारों के मौसम से पहले आयात के मोर्चे पर कुछ राहत मिली है। इससे घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला।
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में गिरावट से भी शेयर बाजार का माहौल बेहतर हुआ है। अमेरिकी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 5% के अहम स्तर से नीचे आ गई। वहीं, 30 साल के बॉन्ड की यील्ड 5.3% और दो साल के बॉन्ड की यील्ड करीब 4.6% के आसपास रही। बॉन्ड यील्ड घटने पर निवेशकों के लिए शेयर बाजार जैसे दूसरे निवेश विकल्प आकर्षक हो सकते हैं। इसकी वजह यह है कि बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कम होने पर निवेशक ज्यादा कमाई की संभावना वाले विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर भी वैश्विक निवेश रणनीति पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्नोलॉजी कंपनियों के दबाव के बीच नैस्डैक में शुक्रवार को 4% से ज्यादा और इस महीने अब तक करीब 6% की गिरावट आई। इस दौरान टेक्नोलॉजी कंपनियों के बाजार मूल्य में 2 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा की कमी आने का अनुमान जताया गया। निवेशकों की चिंता यह है कि AI पर बड़ी रकम खर्च कर रही कंपनियां इन निवेशों से पर्याप्त कमाई कितनी जल्दी कर पाएंगी। एआई से जुड़ी कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)