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Share Market: सेंसेक्स करीब 500 अंक टूटा, IT और मेटल शेयरों में बिकवाली, जानिए इस गिरावट के 5 बड़े कारण

Stock Market Down 31st August 2026: सोमवार सुबह निफ्टी आईटी में 1.74 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 3.19 फीसदी, निफ्टी मेटल में 2.30 फीसदी और निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.48 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
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Aug 31, 2026
Why share market fall today
Share Market में गिरावट देखने को मिली है। (PC: AI)

Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार में आज सोमवार को गिरावट देखी जा रही है। बीएसई सेंसेक्स आज 134 अंक की गिरावट के साथ 77,130 पर खुला था, लेकिन धीरे-धीरे यह गिरावट बढ़ती चली गई। सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर यह 0.60 फीसदी या 465 अंक की गिरावट के साथ 76,799 पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, एनएसई निफ्टी इस समय 0.70 फीसदी या 166 अंक की गिरावट के साथ 24,009 पर ट्रेड करता दिखा। सबसे अधिक गिरावट आईटी, मीडिया, मेटल और पीएसयू बैंक शेयरों में दिखाई दी।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली, एशियाई बाजारों में कमजोरी, यूएस फेड रेट हाइक की उम्मीदें और 1 सितंबर से लागू होने वाले MSCI इंडेक्स रीबैलेंसिंग को लेकर भी निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।

क्या है बाजार में गिरावट की वजह?

अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई बाजार की टेंशन

अमेरिका की ओर से ईरान के ठिकानों पर ताजा हमले की खबर के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है। जुलाई के आखिर के बाद ईरान पर अमेरिका की ओर से यह पहला ज्ञात हमला बताया जा रहा है। इससे मिडिल ईस्ट में संघर्ष और फैलने तथा ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसका असर कच्चे तेल पर तुरंत देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड करीब 3 फीसदी उछलकर 90.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

भारत के लिए महंगा तेल हमेशा चिंता का विषय रहता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ता है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है। साथ ही महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ जाती है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी रही तो इसका असर कई भारतीय कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। खासकर ईंधन, ट्रांसपोर्ट और एनर्जी पर ज्यादा खर्च करने वाली कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बन सकता है।

एशियाई बाजारों में भी बिकवाली

भारतीय बाजार अकेला दबाव में नहीं है। सोमवार को एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्की करीब 2.1 फीसदी नीचे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में करीब 2.4 फीसदी की गिरावट आई। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का MSCI इंडेक्स भी करीब 0.7 फीसदी कमजोर हुआ। अमेरिकी बाजार के वायदा कारोबार में भी कमजोरी के संकेत मिले। S&P 500 फ्यूचर्स करीब 0.3 फीसदी और Nasdaq फ्यूचर्स करीब 0.5 फीसदी नीचे थे। निवेशक अब नए सिरे से यह आंकलन कर रहे हैं कि अमेरिका-ईरान तनाव का तेल की कीमतों, महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ेगा।

विदेशी निवेशकों ने भी बढ़ाई मुश्किल

घरेलू बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी कमजोरी की एक बड़ी वजह है। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने भारतीय शेयरों में 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की थी। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले कारोबारी सत्र में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,183 करोड़ की खरीदारी की थी। लेकिन वैश्विक बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता के बीच विदेशी पूंजी की निकासी बाजार पर दबाव बना रही है।

MSCI रीबैलेंसिंग से भी शेयरों में हलचल की आशंका

सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह के अनुसार, बाजार की नजर MSCI के ताजा इंडेक्स रीबैलेंसिंग पर भी है। इसमें किए गए बदलाव 1 सितंबर से लागू होंगे। इस बार की रीबैलेंसिंग इसलिए भी अहम है, क्योंकि भारत में नए Closing Auction Session सिस्टम के तहत यह पहला बड़ा MSCI रीबैलेंसमेंट है। इंडेक्स से जुड़े फंड अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकते हैं। ऐसे में सोमवार के कारोबारी सत्र के आखिरी हिस्से में कुछ शेयरों में अचानक खरीदारी या बिकवाली देखने को मिल सकती है। इसका असर कुछ हद तक पूरे बाजार के प्रमुख इंडेक्स पर भी पड़ सकता है।

यूएस फेड रेट हाइक की बढ़ती उम्मीदें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की जैक्सन होल स्पीच के बाद से रेट हाइक को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फेड की सितंबर महीने में बैठक होने वाली है। उच्च ब्याज दरों की स्थिति में डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड आकर्षक हो जाते हैं। वहीं, शेयर मार्केट जैसे रिस्की निवेश विकल्पों से निवेशक दूरी बना सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
31 Aug 2026 11:58 am
Published on:
31 Aug 2026 11:54 am