
लोन लेने से पहले RBI की बेवसाइट पर ऐप की जानकारी प्राप्त करें। (फोटो: AI)
Fake Loan App List: अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो कुछ ही मिनट में लोन देने वाले ऐप से पैसे उधार लेना बहुत आसान लग सकता है। लेकिन इसी जल्दबाजी का फायदा फर्जी और मैलिसियस लोन ऐप उठाते हैं और आपके साथ ठगी कर सकते हैं। ऐसे फर्जी ऐप आजकल उधार लेने वालों को लुभाने के लिए असली लेंडर जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। जैसे तुरंत लोन मंजूरी, कम ब्याज दरें और आसान डॉक्यूमेंटेशन। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने हाल ही में ऐसे कई ऐप्स की पहचान की है और Google को इन्हें Play Store से हटाने का निर्देश दिया है। ऐसे में लोन लेने से पहले यह जानना जरूरी है कि जिस ऐप पर आप भरोसा कर रहे हैं, वह असली है या नहीं।
किसी भी लोन ऐप पर अपनी जानकारी देने से पहले यह पता करें कि असल में लोन देने वाली कंपनी कौन है। बैंक या NBFC का कानूनी नाम देखें और उसे RBI के आधिकारिक स्रोतों से जांचें। ऐप पर किसी वित्तीय कंपनी का नाम या लोगो होना अपने आप में उसकी विश्वसनीयता का सबूत नहीं है। RBI की Digital Lending Apps directory से भी ऐप का रेगुलेटेड संस्था से संबंध जांचा जा सकता है।
सिर्फ इसलिए किसी ऐप पर भरोसा न करें क्योंकि वह ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। डाउनलोड करने से पहले Developer का नाम, Privacy Policy, Customer Support और Reviews देखें। इन जानकारियों को लेंडर की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी से मिलाएं। अगर दोनों जगह जानकारी अलग है तो सावधानी बरतनी होगी।
ऐप में लॉगिन करते वक्त कौन-कौन सी परमिशन मांगी जा रही है, यह भी बहुत महत्वपूर्ण है। कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग्स या मीडिया फाइलों तक पहुंच मांगने वाले ऐप से सावधान हो जाएं। क्योंकि यह जानना जरूरी है कि कि लोन देने के लिए इनकी क्या जरूरत है। KYC के दौरान कैमरे जैसी कुछ परमिशन जरूरी हो सकती हैं, लेकिन हर परमिशन का कारण स्पष्ट होना चाहिए।
सिर्फ कम ब्याज दर देखकर लोन न लें। APR, प्रोसेसिंग फीस, दूसरे चार्जेस, रीपेमेंट शेड्यूल, लोन की अवधि और कुल देय राशि को पहले समझें। कई बार कम ब्याज का दावा करने वाला लोन दूसरी फीस और चार्ज के कारण महंगा पड़ सकता है। इंसटेंट अप्रूवल भी लोन की सुरक्षा या सही शर्तों की गारंटी नहीं है।
Aadhaar, PAN और Bank Details KYC या क्रेडिट चेक के लिए मांगे जा सकते हैं। लेकिन जानकारी देने से पहले समझें कि इसे क्यों लिया जा रहा है और इसका इस्तेमाल कैसे होगा। Privacy Policy पढ़ें और संवेदनशील जानकारी केवल लेंडर के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही दर्ज करें। किसी भी ऐजेंट को फोन पर डिटेल भेजने से बचें।
मणिपाल फिनटेक की CEO पूजा अभिषेक सिंह के मुताबिक, अस्पष्ट लेंडर की पहचान, ब्याज और शुल्क की अधूरी जानकारी, जरूरत से ज्यादा ऐप परमिशन और बिना उचित क्रेडिट जांच के तुरंत लोन देने का दावा करने वाले ऐप खतरे का निशान देते हैं। उनके मुताबिक डिजिटल लोन में तेजी के साथ पारदर्शिता भी जरूरी है। इसलिए लोन लेने से पहले कुछ मिनट रुककर लेंडर, खर्च, डेटा इस्तेमाल और ग्राहक सहायता की जानकारी जरूर जांचें।
I4C की Threat Analytics Unit ने 19 अगस्त को जारी नोटिस में Horizon Cash Service, Money Score Monitor और Zelicredit को मैलिसियस लोन ऐप्स की कैटेगरी में शामिल किया। Google को इन्हें Play Store से हटाने का निर्देश दिया गया था और नोटिस के मुताबिक इसका पालन किया जा चुका है। यह अगस्त में I4C की दूसरी ऐसी कार्रवाई थी। इससे पहले 7 अगस्त को LoanOrbit, Hisab, Nexus Loan, One Fund, Credit Factor और Mobile Credit Prairie समेत छह ऐप्स को हटाने का निर्देश दिया गया था।
Updated on:
29 Aug 2026 05:50 pm
Published on:
29 Aug 2026 05:49 pm
