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Silver Price Outlook: सिर्फ 1 महीने में ही 40,000 रुपये टूट गई चांदी, क्या और गिरेंगे भाव या अब आएगी तेज रिकवरी? एक्सपर्ट से जानिए टार्गेट प्राइस

Silver Rate Today: दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 22% और चांदी 55% से ज्यादा नीचे है।
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Updated: 30 Oct 2026, 3:24 PM IST
Silver Price Outlook
चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है। (PC: AI)

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में गिरावट रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, आज शुक्रवार 30 अक्टूबर को सुबह चांदी (999) का घरेलू हाजिर भाव गिरकर 1,83,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। आज से ठीक 1 महीने पहले 30 सितंबर 2026 को सुबह चांदी का हाजिर भाव 2,22,273 रुपये प्रति किलोग्राम पर था। इस तरह चांदी की घरेलू हाजिर कीमत में 1 महीने में 38,473 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आ चुकी है।

जनवरी के हाई से 55% टूट गए भाव

चांदी की कीमतें जनवरी 2026 में ऑल टाइम हाई पर गई थीं। उस स्तर से कीमतें अब करीब 55 फीसदी टूट चुकी हैं। एमसीएक्स एक्सचेंज पर जनवरी में चांदी का भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। शुक्रवार दोपहर एमसीएक्स एक्सचेंज पर चांदी का भाव 1,85,065 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करता दिखा।

क्या यही है खरीदने का सबसे सही समय?

केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि 1,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास चांदी की खरीदारी की जा सकती है। उनके अनुसार यह चांदी खरीदने का अच्छा मौका होगा। केडिया ने बताया कि साल 2026 के आखिर तक चांदी की कीमतें 2,15,000 से 2,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती हैं।

वहीं, मास्टर केपिटल सर्विसेस लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ रवि सिंह ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि चांदी इस समय संभावित शॉर्ट टर्म बाइंग अपॉर्च्युनिटी दे रही है। उन्होंने कहा, 'निवेशक 1,72,000 रुपये के करीब खरीदारी करने का सोच सकते हैं। वहीं, 1,99,000 रुपये प्रति किलोग्राम का शॉर्ट टर्म टार्गेट रख सकते हैं।'

क्या आगे आएगी बड़ी तेजी?

सिंह ने बताया कि चांदी के लिए साल 2027 में सप्लाई सरप्लस रहने की उम्मीद है। वहीं, सिल्वर ज्वैलरी डिमांड कमजोर रहने और इंडस्ट्रीयल खपत भी धीमी पड़ने की उम्मीद है। इससे चांदी की कीमतों में रिकवरी सीमित रह सकती है। वहीं, उच्च ब्याज दरें भी एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
30 Oct 2026, 3:24 PM IST
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