
SIP Investment Tips: करोड़पति बनने के लिए सिर्फ ज्यादा कमाई जरूरी नहीं है, निवेश की शुरुआत कब करते हैं, यह भी उतना ही मायने रखता है। अगर टार्गेट 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना है, तो 25 साल की उम्र में SIP शुरू करने वाले निवेशक को 35 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले व्यक्ति के मुकाबले हर महीने काफी कम रकम लगानी होगी। म्यूचुअल फंड में एसआईपी लंबे समय में पैसा बनाने का एक लोकप्रिय तरीका है। इसमें निवेशक हर महीने एक तय रकम निवेश करता है। समय के साथ निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी दोबारा निवेश होता रहता है और यहीं से कंपाउंडिंग का फायदा मिलना शुरू होता है।
हालांकि, म्यूचुअल फंड का रिटर्न स्टॉक मार्केट से जुड़ा होता है और इसकी कोई गारंटी नहीं होती। लेकिन सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह का मानना है कि लॉन्ग टर्म में म्यूचुअल फंड एसआईपी से औसत 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिल जाता है। आइए इसी अनुमानित रिटर्न से कैलकुलेट करके जानते हैं कि 10, 15 या 20 साल में 1 करोड़ रुपये का फंड कैसे तैयार किया जा सकता है।
मान लेते हैं कि आपका टार्गेट 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना है और एसआईपी पर औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है। अब सबसे दिलचस्प बात यह है कि निवेश शुरू करने की उम्र बदलते ही हर महीने निवेश की जरूरत भी तेजी से बदल जाती है।
अगर आप 25 साल की उम्र में एसआईपी शुरू करते हैं, तो आपके पास 45 साल तक पूरे 20 साल का समय होगा। यही लंबा वक्त कंपाउंडिंग को अपना काम करने का अच्छा मौका देता है। इस स्थिति में हर महीने करीब 10,200 रुपये की एसआईपी से आप 1 करोड़ का फंड तैयार कर सकते हैं। इस तरह 20 साल में कुल निवेश 24.48 लाख रुपये हो जाएगा। साथ ही आपको इस दौरान 76.42 लाख रुपये का अनुमानित रिटर्न मिल सकता है। इस तरह 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। यहां सबसे बड़ा फायदा समय का है। शुरुआत जल्दी होने के कारण आपको हर महीने बहुत बड़ी रकम निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ती।
अगर निवेश की शुरुआत 30 साल की उम्र में होती है तो टार्गेट तक पहुंचने के लिए आपके पास सिर्फ 15 साल बचेंगे। पांच साल कम होने का सीधा असर मंथली एसआईपी पर पड़ेगा। अब आपको हर महीने करीब 20,500 रुपये निवेश करना होगा। इस तरह 15 साल में आप 36.90 लाख रुपये निवेश कर चुके होंगे। वहीं 65.51 लाख रुपये का अनुमानित रिटर्न जमा हो जाएगा। इस तरह आपके पास 1.02 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। यानी 25 की जगह 30 साल की उम्र में शुरुआत करने पर मंथली निवेश करीब दोगुना हो जाता है।
अब अगर आपने 35 साल की उम्र तक निवेश शुरू नहीं किया, तो 1 करोड़ रुपये का टार्गेट पाने के लिए आपके पास सिर्फ 10 साल होंगे। ऐसे में हर महीने करीब 44,000 रुपये की एसआईपी करनी पड़ेगी। इस तरह 10 साल में आप कुल 52.80 लाख रुपये निवेश कर लेंगे। वहीं, अनुमानित रिटर्न 48.41 लाख रुपये रहेगा। इस तरह आपको पास 1.01 करोड़ रुपये जमा हो जाएंगे।
यानी 25 साल की उम्र में जहां करीब 10,200 रुपये महीने की एसआईपी से टार्गेट हासिल करने का अनुमान है। वहीं, 35 साल की उम्र में शुरुआत करने पर मासिक निवेश बढ़कर करीब 44,000 रुपये हो जाता है। यहीं पर कंपाउंडिंग का खेल समझना जरूरी है। निवेश जितने लंबे समय तक चलता है, आपके पैसे को बढ़ने और उस बढ़े हुए पैसे पर फिर रिटर्न कमाने के लिए उतना ज्यादा समय मिलता है। 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वाले व्यक्ति के पास 20 साल हैं। दूसरी तरफ 35 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले के पास सिर्फ 10 साल हैं। दोनों का लक्ष्य एक ही है, लेकिन समय आधा होने पर हर महीने लगाई जाने वाली रकम कई गुना बढ़ जाती है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)