
एफडी में तय रिटर्न मिलता है। (PC: AI)
FD Vs SIP: लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की बात हो, तो अक्सर SIP और FD की तुलना की जाती है। दोनों निवेश विकल्प बिल्कुल अलग हैं। एसआईपी में हर महीने थोड़ी रकम म्यूचुअल फंड में लगाई जाती है। जबकि एफडी में एकमुश्त रकम बैंक या वित्तीय संस्थान में तय अवधि के लिए जमा की जाती है। ऐसे में सवाल यह है कि आप 5 हजार रुपये हर महीने एसआईपी में डालें या 5 लाख रुपये की एफडी करा लें, तो 10 साल में कौन सा विकल्प ज्यादा पैसा बना सकता है? यहां सिर्फ रिटर्न ही महत्वपूर्ण नहीं है। निवेश का लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और पैसे की जरूरत कब पड़ेगी, ये बातें भी उतनी ही अहम हैं।
मान लीजिए कोई व्यक्ति हर महीने 5000 रुपये म्यूचुअल फंड एसआईपी में डाल रहा है। वह 10 साल तक यह एसआईपी जारी रखता है। अब औसत सालाना रिटर्न 12 फीसदी मानकर चलें, तो 10 साल में कुल 11,20,179 रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें निवेश राशि 6,00,000 रुपये रहेगी। वहीं, कुल रिटर्न 5,20,179 रुपये होगा।
यहां कंपाउंडिंग का असर दिखाई देता है। लंबे समय तक निवेश जारी रखने पर निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाने लगता है। हालांकि, एसआईपी का रिटर्न तय नहीं होता और बाजार की चाल के साथ इसमें उतार-चढ़ाव आता रहता है।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| मासिक SIP | ₹5,000 |
| निवेश की अवधि | 10 साल |
| अनुमानित सालाना रिटर्न | 12% |
| कुल निवेश राशि | ₹6,00,000 |
| कुल अनुमानित रिटर्न | ₹5,20,179 |
| अनुमानित कुल फंड | ₹11,20,179 |
मान लीजिए कोई व्यक्ति 10 साल की एफडी में 5 लाख रुपये इन्वेस्ट करता है। यहां एफडी पर रिटर्न 6.5 फीसदी मानकर चल रहे हैं। ऐसे में 10 साल में इस एफडी की वैल्यू 9,52,779 रुपये हो जाएगी। इसमें 5 लाख रुपये आपकी निवेश राशि और 4,52,779 रुपये ब्याज आय शामिल होगी। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एफडी का रिटर्न बैंक की ब्याज दर पर निर्भर करेगा।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| शुरुआती निवेश | ₹5,00,000 |
| निवेश की अवधि | 10 साल |
| अनुमानित सालाना ब्याज दर | 6.5% |
| कुल ब्याज आय | ₹4,52,779 |
| अनुमानित मैच्योरिटी राशि | ₹9,52,779 |
सिर्फ अंतिम रकम देखें तो एसआईपी काफी आगे दिखाई देती है। 5000 रुपये की मंथली एसआईपी से 10 साल में 11,20,179 रुपये का अनुमानित फंड बन रहा है। जबकि 5 लाख रुपये की एफडी से करीब 9,52,779 रुपये की रकम बनती है। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है। दोनों में शुरुआती निवेश एक जैसा नहीं है। एसआईपी में निवेशक 10 साल में कुल 6 लाख रुपये लगाता है। दूसरी तरफ FD में 5 लाख रुपये जमा किए गए हैं। यानी SIP में कुल निवेश ही एफडी से 1 लाख रुपये ज्यादा है। इसलिए 11,20,179 रुपये और 9,52,779 रुपये की तुलना करके यह कहना सही नहीं होगा कि एसआईपी हमेशा एफडी से बेहतर है।
एसआईपी उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है जो लंबे समय तक नियमित निवेश करना चाहते हैं और बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव को सह सकते हैं। हर महीने 5 हजार रुपये लगाना कई लोगों के लिए एकमुश्त बड़ी रकम लगाने की तुलना में आसान हो सकता है। खासकर लंबी अवधि में इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड में कंपाउंडिंग और बाजार की ग्रोथ से अच्छा फंड बनने की संभावना रहती है। लेकिन यहां जोखिम भी है। 12% रिटर्न कोई गारंटीड रिटर्न नहीं है। बाजार खराब रहने पर रिटर्न कम हो सकता है और कुछ समय के लिए निवेश की वैल्यू घट भी सकती है।
FD का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें जोखिम काफी कम रहता है। निवेश करते समय ब्याज दर और अवधि पता होती है, इसलिए मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम का अनुमान लगाना आसान रहता है। आपको पता रहता है कि मैच्यरिटी पर कितना मुनाफा होगा। जो निवेशक अपने मूलधन की स्टेबिलिटी और तय रिटर्न को ज्यादा महत्व देते हैं, उनके लिए एफडी एक आसान विकल्प हो सकता है। बैंक अलग-अलग अवधि के लिए एफडी की सुविधा देते हैं और ब्याज दर बैंक तथा अवधि के हिसाब से बदलती रहती है।
सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह के अनुसार, अगर लॉन्ग टर्म में बड़ा फंड बनाना है और बाजार के जोखिम को सहने की क्षमता है, तो एसआईपी पर विचार किया जा सकता है। वहीं, अगर प्राथमिकता पैसे की स्टेबिलिटी और अपेक्षाकृत तय रिटर्न है, तो एफडी ज्यादा सुविधाजनक विकल्प हो सकती है। एक बात हमेशा याद रखें, निवेश का फैसला केवल यह देखकर नहीं करना चाहिए कि किस विकल्प में अंतिम रकम ज्यादा दिख रही है। आपकी आमदनी, लक्ष्य, समय अवधि, टैक्स और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लेना बेहतर रहता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
14 Aug 2026 12:46 pm
Published on:
14 Aug 2026 12:46 pm
