एसजीबी का लाभ कोई भी व्यक्ति उठा सकता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी लोग मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे NSE, BSE से करें। इसके अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और पोस्ट ऑफिसों से भी से इसकी खरीद की जा सकती है।
नई दिल्ली। मोदी सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम ( Sovereign Gold Bond Scheme ) के तहत सस्ते में सोना खरीदने की शुरुआत आज हो गई है। इस योजना के तहत सभी लोग आज से 16 जुलाई तक सस्ते में सोना खरीद सकते हैं। Sovereign Gold Bond इश्यू खुल आज से खुल चुका है। इसमें प्रति एक ग्राम गोल्ड की कीमत 4,807 रुपए तय की गई है। अगर आप ऑनलाइन अप्लाई करते हैं तो आपको 50 रुपए की और छूट मिलेगी। यानी आप एक ग्राम सोना 4,757 रुपये में खरीद सकते हैं। अभी बुलियन मार्केट में 1 ग्राम सोने की कीमत 4,777 रुपए है।
NSE, BSE व अन्य अधिकृत एजेंसियों से ही करें खरीदारी
इस स्कीम का लाभ कोई भी व्यक्ति उठा सकता है। बशर्ते, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी लोग मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे NSE, BSE से करें। इसके अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ( SHCIL ) और पोस्ट ऑफिसों से भी से इसकी खरीद की जा सकती है। खरीददार इस बात का ध्यान में रखें कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों और पेमेंट बैंकों से इसकी बिक्री नहीं होती।
2.5% की दर से मिलेगा सालाना ब्याज
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond Scheme) की परिपक्वता अवधि 8 सालों की होगी। इसमें 5 साल बाद अगले ब्याज भुगतान की तारीख पर बॉन्ड से निवेश निकालने का भी विकल्प होगा। इसमें आप 1 ग्राम सोने की खरीदारी से निवेश कर सकते हैं। इस इश्यू में 2.5 फीसदी सालाना की दर से ब्याज मिलेगा। ये ब्याज हर 6 महीने में आपके अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा।
इनवेस्टर्स टैक्स में छूट का भी उठा सकते हैं लाभ
इसकी बिक्री पर होने वाले लाभ पर आयकर नियमों के तहत छूट के साथ और कई लाभ मिलेंगे। सरकार की ओर से गोल्ड बॉन्ड में निवेश के लिए यह वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी कड़ी है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड मई से लेकर सितंबर के बीच छह किस्तों में जारी किए जाएंगे।
2015 में पहली बार एसजीबी की हुई थी शुरूआत
केंद्र सरकार ने इस स्कीम की शुरुआत पहली बार 2015 में की थी। आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 65 टन सोना SGB के जरिए बेचा गया था। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स गवर्नमेंट सिक्योरिटीज हैं। ये फिजिकल गोल्ड के विकल्प के तौर पर शुरू किया गया।