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नौकरी जाने से पहले शुरू कर दो यह काम, 2026 में सिर्फ तनख्वाह पर जीना है सबसे बड़ी गलती

नौकरी जाने का डर लोगों को साइड हसल की तरफ धकेल रहा है। कुछ ऐसे साइड हसल जो आपको जानना जरूरी है।
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Mar 12, 2026
Tech layoffs India
फोटो: एआइ

दुनियाभर की टेक कंपनियों अब एक नए बदलाव के दौर से गुजर रही हैं। इस बदलाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2025 में दुनियाभर की 200 से ज्यादा टेक कंपनियों ने 1 लाख 12 हजार से अधिक लोगों को नौकरी से निकाल दिया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत में 2026 के अंत तक 50,000 से ज्यादा आईटी प्रोफेशनल्स "साइलेंट लेऑफ" की चपेट में आ सकते हैं। यानी बिना शोर-शराबे के, चुपचाप बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। ऐसे में हर किसी के जेहन में एक ही सवाल है कि अगर नौकरी चली गई तो क्या होगा?

शौक से नहीं हो रहे काम

पहले लोग बिजनेस इसलिए शुरू करते थे क्योंकि उनके पास कोई बड़ा सपना होता था। अब एक बिल्कुल नई पीढ़ी उभर रही है जिसे "सर्वाइवलिस्ट फाउंडर" कहा जा रहा है। ये वो लोग हैं जो बिजनेस इसलिए नहीं शुरू कर रहे क्योंकि उनके पास कोई क्रांतिकारी आइडिया है, बल्कि इसलिए शुरू कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कल क्या होगा।

सर्वे बताते हैं कि 68% लोग कहते हैं नौकरी का डर ही उन्हें अपना काम शुरू करने पर मजबूर कर रहा है। वहीं, 57% कहते हैं कि चाहे मंदी आए वे अपना काम जरूर शुरू करेंगे। यह अब किसी का शौक नहीं, बल्कि बचाव की रणनीति बन गई है।

टेक प्रोफेशनल्स सोच बदल रहे हैं

टेक प्रोफेशनल्स के लिए इस वक्त फ्रीलांसिंग सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरी है। एआइ, कोडिंग, UI/UX डिजाइन और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में अनुभवी लोग पार्ट-टाइम काम करके भी 50,000 से 1 लाख रुपये प्रति माह तक कमा सकते हैं। लोग अब एक कंपनी पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहते। वे चाहते हैं कि उनकी कमाई के एक से ज्यादा रास्ते हों ताकि एक बंद हो तो दूसरा खुला रहे।

क्रिएटर इकॉनमी है एक जरिया

Gen Z के लिए क्रिएटर इकॉनमी एक बिल्कुल नई दुनिया खोल रही है। यूट्युब और इस्टाग्राम पर कंटेंट बनाना, मीशो पर रिसेलिंग, शोपिफाई पर अपना ई-कॉमर्स स्टोर होना ये सब अब सिर्फ शौक नहीं बल्कि असली कमाई के जरिए बन गए हैं। एक स्टडी के मुताबिक 43 फीसदी युवा प्रोफेशनल्स अब नौकरी के साथ-साथ साइड हसल को भी अपनाना पसंद करते हैं। उनके लिए यह हाइब्रिड मॉडल ही आर्थिक सुरक्षा की नई परिभाषा है।

आर्थिक मंदी से बेअसर साइड बिजनेस

अच्छी बात यह है कि कुछ काम ऐसे हैं जो मंदी में भी नहीं रुकते। वर्चुअल असिस्टेंट का काम, ऑनलाइन ट्यूटरिंग, बुककीपिंग और टेक्निकल कंसल्टिंग। ये सभी "रिसेशन-प्रूफ" माने जाते हैं। इनमें न ज्यादा पैसा लगाना पड़ता है, न बड़ी टीम चाहिए। बस आपका हुनर और थोड़ी मेहनत काफी है। और सबसे बड़ी बात यह है कि इन सेवाओं की मांग आर्थिक मंदी में भी बनी रहती है।

फ्रीलांसिंग पार्ट टाइम काम। फोटो: एआइ

सट्टेबाजी से नहीं स्किल से होगा मुनाफा

कुछ लोग नौकरी जाने के बाद फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग को जल्दी पैसा कमाने का शॉर्टकट मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह जोखिम भरा हो सकता है। SEBI की रिपोर्ट के मुताबिक FY24 में 93 फीसदी युवा ट्रेडर्स को फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग में नुकसान उठाना पड़ा। यह रास्ता जल्दी अमीर बनने का नहीं, बल्कि जल्दी बर्बाद होने का है। जो पहले से टूटे हुए हैं उनके लिए यह जुआ और भी खतरनाक साबित होता है।

व्यापक बदलाव का क्या है कारण

यह पूरा बदलाव अचानक नहीं आया इसके पीछे तीन बड़ी ताकतें काम कर रही हैं। पहली है एआइ का तेजी से फैलना जो रूटीन इंजीनियरिंग काम को अब खुद ही कर लेता है। दूसरी है कंपनियों की कॉस्ट कटिंग जो बिना हंगामे के टीमों को धीरे-धीरे छोटा करती जा रही है। तीसरी और सबसे जरूरी है खुद प्रोफेशनल्स का जागना। लोग समझने लगे हैं कि किसी एक कंपनी के भरोसे बैठे रहना अब समझदारी नहीं है।

भविष्य के लिए स्मार्ट रणनीति

विशेषज्ञ एक बात बार-बार दोहराते हैं कि साइड हसल तब शुरू करो जब नौकरी हो, जब नौकरी जाए तब बहुत देर हो चुकी होती है। सही तरीका यह है कि छोटे से शुरुआत करो, अपना आइडिया पहले टेस्ट करो, ऐसी स्किल सीखो जिसकी बाजार में मांग हो, और पहली कमाई को उड़ाने की बजाय निवेश करो। नौकरी है तो अच्छी बात है लेकिन सिर्फ नौकरी पर निर्भर रहना 2026 में सबसे बड़ा जोखिम है।

Updated on:
12 Mar 2026 02:35 pm
Published on:
12 Mar 2026 02:35 pm