
भारतीय शेयर बाजार आज मंगलवार को भारी-भरकम बढ़त लेकर बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 1.62 फीसदी या 1225 अंक की बढ़त के साथ 76,917 पर बंद हुआ है। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 25 शेयर हरे निशान पर और 5 शेयर लाल निशान पर थे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 1.58 फीसदी या 370 अंक की बढ़त के साथ 23,810 पर बंद हुआ है। आइए जानते हैं कि बाजार में आई इस भारी तेजी के पीछे कौन-से प्रमुख कारण रहे।
शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में संभावित बदलाव की उम्मीद रही। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि विदेशी निवेशकों की ओर से इक्विटी निवेश पर लगने वाले टैक्स की समीक्षा करने की मांग पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात बदल चुके हैं और इस वजह से टैक्स में बदलाव को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं। सरकार इन सुझावों पर विचार करेगी। देश की आर्थिक वृद्धि महत्वपूर्ण है और भारत लगातार 7 फीसदी से अधिक की ग्रोथ दर्ज कर रहा है।
इससे पहले अक्टूबर में भी वित्त मंत्री ने LTCG टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर चर्चा जारी रहने की बात कही थी। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार शेयर बाजार में निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स के मोर्चे पर राहत दे सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया। मंगलवार सुबह भले ही तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन ये पिछले कुछ हफ्तों के करीब 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी नीचे बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल से नीचे और WTI क्रूड 97 डॉलर प्रति बैरल से नीचे ट्रेड करता दिखा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल घटने, महंगाई पर दबाव कम होने और कंपनियों की लागत में राहत मिलने की उम्मीद रहती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर के बाजारों में बनी तेजी अब कुछ कमजोर पड़ती दिख रही है। इसका असर अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयरों पर भी नजर आ रहा है। इसका एक अलग असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। निवेशकों के बीच भारत को फिलहाल 'एंटी-AI ट्रेड' के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में AI कंपनियों की तेजी कमजोर पड़ने पर भारतीय शेयर बाजार के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ सकता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी जारी रहने से भी बाजार को मजबूती मिली है। एनएसई के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,115 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने सितंबर में और अक्टूबर के पहले हिस्से में भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाला था। इससे बाजार पर दबाव बना हुआ था। हालांकि, अक्टूबर के दूसरे हिस्से में विदेशी निवेशकों का रुख बदला और वे फिर से खरीदारी करने लगे। नवंबर में भी यह सिलसिला जारी रहने से घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला है।
शेयर बाजार के साथ भारतीय रुपये में भी मजबूती देखने को मिली। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ खुला। यह पिछले कारोबारी सत्र के 94.90 के बंद स्तर के मुकाबले 94.65 पर पहुंच गया। LKP सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, अमेरिकी चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ बाजार की नजर अमेरिका के कूटनीतिक रुख पर रहेगी। अगर कच्चे तेल की कीमतें कम रहती हैं तो इससे रुपये को शॉर्ट टर्म में सपोर्ट मिल सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)