Success Story: ग्रो के को-फाउंडर ललित केशरे की नेटवर्थ 10 हजार करोड़ रुपये को पार कर गई है। वहीं, ग्रो का मार्केट कैप 1.15 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। ग्रो के शेयर में 5 दिन में 85 फीसदी की तेजी आ चुकी है।
Success Story: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक छोटा सा गांव है, लेपा। आपने शायद इसका नाम भी न सुना हो। लेकिन यह गांव आजकल चर्चा में है, सिर्फ एक शख्स की वजह से, नाम है ललित केशरे। ये डिजिटल ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Groww के को-फाउंडर और CEO हैं। अभी पिछले हफ्ते Groww की शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई और उसका मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो कि BSE के मार्केट कैप के बराबर है। यह अपने आप में ऐतिहासिक है कि कैसे सिर्फ 8-9 साल पुरानी एक फिनटेक कंपनी मार्केट कैप के मामले में देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज के बराबर जा खड़ी हुई।
2016 में म्यूचुअल फंड्स में निवेश के लिए शुरू की गई Groww अब देश की सबसे वैल्युएबल फिनटेक कंपनियों में शुमार हो चुकी है। इसका पूरा श्रेय जाता है, ललित केशरे और उनकी दोस्त मंडली को, जिन्होंने Groww को इस ऊंचाई पर पहुंचाया। Groww की तरक्की ने ललित केशरे की दौलत में जबरदस्त इजाफा किया। अब वो देश के बिलेयनेयर्स की लिस्ट में शुमार हो चुके हैं और स्टार्टअप इंडस्ट्री का नया चमकता सितारा बन चुके हैं। उनकी व्यक्तिगत संपत्ति अब 10,000 करोड़ रुपये के पार जा चुकी है।
ललित केशरे के पास Groww में करीब 55.91 करोड़ शेयर हैं, जो कि कंपनी में 9.06% हिस्से के बराबर है। अभी शेयर का भाव लगभग 187 रुपये चल रहा है, तो उनकी कुल दौलत सिर्फ इन शेयरों से ही करीब 10,450 करोड़ रुपये हो गई है यानी 1.22 बिलियन डॉलर।
ग्रो का शेयर 12 नवंबर को 100 रुपये पर लिस्ट हुआ था और सिर्फ 5 दिन में ही 85% से ज्यादा चल चुका है। इसकी पैरेंट कंपनी का नाम है, Billionbrains Garage Ventures। इसने भारत के फिनटेक सेक्टर में एक नया इतिहास रच दिया है। Groww का मार्केट 18 नवंबर, 2025 को 1.15 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। यानी उतना ही जितनी वैल्यू पूरे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की है। BSE की मार्केट कैप आज की तारीख में 1.15 लाख करोड़ रुपये है। इतना ही नहीं, Groww अब 8 लेगेसी ब्रोकरेज हाउसेज की कुल वैल्यू से भी बड़ा बन चुका है। जिनकी संयुक्त रूप से कुल मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये है।
एक किसान का बेटा देश की बिलेयनेयर्स की लिस्ट में अपनी जगह बना लेता है, ये दिखाता है कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में सपनों को पूरा करने की ताकत है। ललित का जन्म मध्य प्रदेश के लेपा गांव में हुआ था, जहां वो अपने दादा-दादी के साथ बड़े हुए। उन्होंने खरगोन के इकलौते इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई की। इसी ने उनके IIT बॉम्बे पहुंचने और आगे चलकर बिजनेस करने के सफर की नींव रखी। वो ऐसे की जिस दिन ललित का JEE एग्जाम का पता चला, उनकी जिंदगी को जैसे कोई लक्ष्य मिल गया, उनकी जिंदगी ने नई करवट ली। उन्होंने IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बैचलर और मास्टर डिग्री पूरी की। साथ ही माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स में स्पेशलाइजेशन भी किया।
ग्रो शुरू करने से पहले ललित ने कई जगहों पर काम किया, जिसमें फ्लिपकार्ट का नाम भी शामिल है, जहां पर वो प्रोडक्ट मैनेजर थे, जहां उन्होंने कंपनी के मार्केटप्लेस डिविजन की कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाली। इस अनुभव का इस्तेमाल उन्होंने आगे चलकर किया, क्योंकि फ्लिपकार्ट ने उन्हें यूजर-फ्रेंडली डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की अच्छी समझ दी। एक नजर ललित के करियर ग्राफ पर।
प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग, इटियम सिस्टम्स (अगस्त 2004 – मार्च 2011): करियर की शुरुआत में ललित ने बेंगलुरु की कंपनी इटियम सिस्टम्स में करीब सात साल बिताए। वहां इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट वाली दोनों तरह की भूमिकाएं निभाईं।
एजूफ्लिक्स स्टार्टअप शुरू किया (मार्च 2011 – जून 2013): ललित ने एजूफ्लिक्स नाम का एक एजुकेशन वाला स्टार्टअप शुरू किया। ये उनका पहला अपना बिजनेस था जिससे वो ये समझे कि आंत्रप्रेन्योर बनना क्या होता है। इस अनुभव ने ग्रो को बनाने में बहुत मदद की।
फ्लिपकार्ट (जुलाई 2013 – अप्रैल 2016): इसके बाद ललित ने बेंगलुरु में करीब तीन साल फ्लिपकार्ट में जॉब की। यहीं उन्होंने Flipkart Quick को बनाने और लीड करने में अपना हुनर दिखाया और कंपनी के तेज ग्रोथ वाले दौर में कई बड़े प्रोडक्ट एरिया पर काम किया।
Groww को बनाने से पहले केशरी को टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट की दुनिया का अच्छा खासा अनुभव हो चुका था। फ्लिपकार्ट में मिले उनके तीन दोस्त हर्ष जैन, ईशान बंसल और नीरज सिंह बने और इन्होंने एक आइडिया पर काम किया। भारत के लोगों के लिए निवेश को इतना आसान और भरोसेमंद बना दो कि कोई भी बिना डर के पैसा लगा सके। इन चारों ने साल 2016 में मिलकर Groww शुरू किया। शुरुआत में सिर्फ म्यूचुअल फंड्स पर फोकस था, लेकिन बाद में ये प्लेटफॉर्म स्टॉक्स, F&O, अमेरिकी शेयर और बाकी सारे इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स तक फैल गया। आज ये भारत का सबसे पॉपुलर इनवेस्टमेंट ऐप बन चुका है।
Groww के शेयर बाजार में कदम रखने से सिर्फ ललित ही नहीं, बाकी तीनों को-फाउंडर्स की वेल्थ में भी इजाफा हुआ है। हर्ष जैन के पास 41.16 करोड़ शेयर हैं, जिससे उनकी वेल्थ 7,700 करोड़ रुपये के करीब हो गई है। ईशान बंस के पास 27.78 करोड़ शेयर हैं, जिससे उनकी वेल्थ 5,200 करोड़ रुपये के करीब हो गई है और नीरज सिंह के पास 38.32 करोड़ शेयर हैं, जिससे उनकी वेल्थ 7,165 करोड़ रुपये हो गई है।