कारोबार

Sugar Price: चीनी के दाम घटाने के लिए सरकार 100% आयात शुल्क को कर सकती है खत्म, त्योहारों से पहले सप्लाई बढ़ाना है टार्गेट

Sugar Import Duty News: सरकार त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने और आपूर्ति को संतुलित करने के लिए 100 प्रतिशत आयात शुल्क घटाने या हटाने पर विचार कर रही है। कम बारिश और वैश्विक आपूर्ति संकट के कारण चीनी के दाम में बढ़ोतरी हुई है।
2 min read
Aug 18, 2026
Sugar Import Duty Cut
Sugar आयात पर शुल्क घट सकते हैं। (फोटो:AI)

Sugar Prices Hike: भारत में चीनी की घरेलू कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं और आगामी त्योहारी सीजन में मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड की मांग बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में त्योहारी सीजन आने से पहले सरकार घरेलू बाजार में चीनी के दाम नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार 100 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी को कम करने या खत्म करने पर विचार कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि आयातित चीनी की खेप भारत पहुंच सकती है और स्थानीय आपूर्ति मजबूत हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चीनी की कीमत

चीनी के दाम को नियंत्रित करने के लिए 100 प्रतिशत आयात शुल्क को कम करना या समाप्त करना एक उपाय है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है और सामान्य परिस्थितियों में घरेलू खपत के लिए चीनी का आयात नहीं करता। भारतीय चीनी और जैव ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) के अनुसार, महाराष्ट्र में एक्स-मिल चीनी कीमत हाल में 46 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जो रिकॉर्ड स्तर है। यानी इस कीमत पर चीनी मिलें थोक व्यापारियों, डीलरों या बड़े खरीदारों को सीधे चीनी बेचती हैं। सरकार का मानना है कि शुल्क में राहत से विदेशी चीनी की खेप आ सकती है, जिससे उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।

त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की चिंता

भारत में चीनी की खपत अगस्त के अंत से जनवरी तक तेज रहती है। त्योहारों पर मिठाइयों, प्रोसेस्ड फूड और पेय पदार्थों की मांग बढ़ती है, जिससे कीमतों में तेजी का दबाव बनता है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की चीनी मिलें नवंबर की शुरुआत के मुकाबले गन्ना पेराई 15 दिन पहले शुरू करने की योजना बना रही हैं। यह कदम खाद्य मंत्रालय से चर्चा के बाद आया है। सरकार ने कारोबारियों पर स्टॉक सीमा लागू की है, ताकि जमाखोरी और महंगाई को नियंत्रित किया जा सके।

क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?

चीनी बाजार में वैश्विक आपूर्ति पर चिंता बढ़ी है। अल नीनो से फसलों पर असर पड़ने की आशंका है, जबकि भारत में मानसून बारिश सामान्य से 13 प्रतिशत कम रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, जून के अंत में बारिश की कमी 40 प्रतिशत से अधिक थी, जिससे फसलों की बुवाई में देरी हुई। गन्ने की फसल बारिश पर निर्भर है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 14 अगस्त तक 58.3 लाख हेक्टेयर में गन्ने की वाई हुई, जो पिछले साल से कम है।

Updated on:
18 Aug 2026 05:01 pm
Published on:
18 Aug 2026 05:00 pm