
शादियों के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। कन्फेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की रिपोर्ट बताती है कि 1 नवबर से 14 दिसंबर 2025 तक 75 शहरों में तकरीबन 46 लाख शादियां होंगी। हालांकि, पिछले साल 48 लाख शादियां हुईं थीं, लेकिन इस बार इन शादियों की वैल्यू 6.5 लाख करोड़ रुपये है, जो कि पिछले साल के 5.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। साल 2023 में 38 लाख शादियां हुईं थीं, जिसकी कुल वैल्यू 4.74 लाख करोड़ रुपये थी।
अब शादियां हो रही हैं, तो गिफ्ट्स का लेन-देन भी होगा। शादियों में अक्सर हम कैश, सोना या दूसरे कीमती तोहफे देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि शादी के दौरान मिले तोहफे टैक्स के दायरे में भी आते हैं। ऐसे में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं कि क्या सभी गिफ्ट्स पर टैक्स लगता है। इसका जवाब सरल होते हुए भी कई तरह की जटिलताओं से भरा हुआ है। जिसमें कई बातों पर विचार करना होता है, क्योंकि इस प्रक्रिया में कई पक्ष शामिल होते हैं।
सबसे पहले तो ये समझिए कि गिफ्ट होता क्या है। कोई व्यक्ति या संस्था किसी अन्य व्यक्ति को चल या अचल संपत्ति का स्वेच्छा से हस्तांतरण करती है यानी देती है और उसके एवज में कोई धन या दूसरी चीज नहीं लेती है, तो उसे गिफ्ट कहा जाता है। ये कैश, ज्वेलरी, घर का सामान, हाउस प्रॉपर्टी, शेयर या सोना कुछ भी हो सकता है। दूल्हा-दुल्हन भी टैक्सपेयर हैं, इसलिए उनको मिला कोई भी उपहार आय मानी जाती है और उसे अन्य स्रोत से हुई आय के रूप में दिखाना जरूरी होता है, भले उस पर टैक्स बने या न बने।
टैक्स कानूनों के मुताबिक, शादियों में मिले तोहफे टैक्स फ्री होते हैं। इनमें माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी, ससुराल वालों और वंशजों से मिले गिफ्ट शामिल हैं। यानी नवविवाहित जोड़ों को अपनी शादी के अवसर पर अपने परिवार के सदस्यों से मिलने वाले उपहार पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। ये उपहार किसी भी रूप में हो सकते हैं, जैसे घर, संपत्ति, नकद, आभूषण, शेयर वगैरह। इनकी वैल्यू कितनी भी हो सकती है। मतलब ये कि अगर माता-पिता 10 लाख रुपये शादी के तोहफे के तौर पर अकाउंट में डाल देते हैं तो उस पर टैक्स नहीं लगेगा।
अब हर गिफ्ट का हिसाब किताब रखना तो मुश्किल है, फिर भी जहां तक हो सके, नवविवाहित जोड़ों को अपनी शादी में मिले महंगे उपहारों का रिकॉर्ड रखना चाहिए, जिसमें मकान या कार जैसी महंगी चीजें भी शामिल हैं। क्योंकि इनकम टैक्स विभाग बैंक खाते में बड़ी जमा राशि की जांच कर सकता है। इसलिए गिफ्ट्स का उचित दस्तावेज बनाए रखना चाहिए। जिसमें उपहार देने वालों के नाम और संबंधों का रिकॉर्ड भी शामिल हो, ताकि लेन-देन की वैधता स्थापित की जा सके।