
भारतीय IT सेक्टर में सुस्ती के बीच Tata Consultancy Services (TCS) ने दूसरी तिमाही में मजबूत मुनाफा दर्ज कर बाजार को राहत दी है। सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12,075 करोड़ रुपये था। कंपनी के नतीजों की खास बात यह रही कि एआई से जुड़ा कारोबार लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। टीसीएस का सालाना एआई रेवेन्यू दूसरी तिमाही में 3.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो कंपनी के कुल रेवेन्यू का 10% से ज्यादा है।
टीसीएस का रेवेन्यू भी मजबूत रहा। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में यह 65,799 करोड़ रुपये था। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर तिमाही-दर-तिमाही रेवेन्यू में 0.5% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% और नेट मार्जिन 19% रहा। यानी आईटी सेक्टर में मांग को लेकर बनी चिंता के बावजूद टीसीएस ने कमाई और मुनाफे दोनों मोर्चों पर अपनी पकड़ बनाए रखी है।
टीसीएस के लिए दूसरी तिमाही में सबसे बड़ा सपोर्ट बड़े सौदे रहे। कंपनी को कुल 9.6 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। कमजोर आईटी डिमांड के माहौल में यह आंकड़ा कंपनी के लिए खासा अहम माना जा रहा है। कंपनी ने Porsche AG के साथ पांच साल की रणनीतिक साझेदारी की है। इसके अलावा Porsche की जर्मनी स्थित मैनेजमेंट और आईटी कंसल्टिंग कंपनी MHP के अधिग्रहण का प्रस्ताव भी सामने आया है। टीसीएस ने Best Buy के भारत स्थित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर को अपने साथ जोड़ने और उसे एआई कैपेबिलिटी सेंटर में बदलने के लिए भी समझौता किया है।
कंपनी के लिए एआई अब सिर्फ भविष्य की संभावना नहीं, बल्कि कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है। टीसीएस ने बताया कि एआई से जुड़ा सालाना रेवेन्यू 3.1 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, प्रेसिडेंट और सीओओ Aarthi Subramanian के मुताबिक एआई से जुड़े काम की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। इसमें एआई आधारित नए समाधान, कंपनियों के बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, ऑटोनॉमस ग्लोबल बिजनेस सर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी जैसे सेक्टर शामिल हैं।
टीसीएस के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12 रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। ऐसे समय में जब आईटी कंपनियां कमजोर क्लाइंट बजट और एआई के कारण पारंपरिक आईटी सर्विसेज पर दबाव का सामना कर रही हैं, टीसीएस के नतीजे कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आए हैं। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ अभी बहुत तेज नहीं है, लेकिन बड़े कॉन्ट्रैक्ट, एआई कारोबार और विदेशी बाजारों में डिमांड ने कंपनी को सपोर्ट दिया है।