ये कंपनी हर हफ्ते 1 से 2 टन सोना खरीद रही है। विशेषज्ञों द्वारा बाजार में सोने की कीमतों में उछाल आने का कारण कंपनी की इस रणनीति को बताया जा रहा है।
वैश्विक सोना बाजार में बीते एक साल से असाधारण गतिविधि देखी जा रही है, जहां कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर पर बढ़ते अविश्वास ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर मोड़ा है। इसी बीच क्रिप्टो सेक्टर की दिग्गज कंपनी टेथर होल्डिंग्स एसए (Tether Holdings SA) ने चुपचाप इतनी बड़ी मात्रा में सोना खरीदा कि उसे सोने की कीमतों में उछाल लाने का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। साथ ही यह कंपनी अब केंद्रीय बैंकों जैसी भूमिका में दिखने लगी है।
पिछले एक वर्ष में टेथर ने 70 टन से अधिक सोना खरीदा है, जिससे वह वैश्विक सोना बाजार के सबसे बड़े खिलाड़ियों में शामिल हो गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के पास लगभग 140 टन सोना है, जिसकी कीमत करीब 24 बिलियन डॉलर आंकी जा रही है। यह मात्रा कई देशों के केंद्रीय बैंकों और बड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स से भी अधिक है। टेथर हर सप्ताह ट्रक भर के औसतन एक से दो टन सोना खरीद रही है और आने वाले महीनों में इस प्रक्रिया को जारी रखने की योजना में है। यह रणनीति टेथर को केवल एक क्रिप्टो कंपनी नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली गोल्ड होल्डर के रूप में स्थापित कर रही है।
टेथर ने अपने भौतिक सोने को स्विट्जरलैंड के परमाणु बंकरों में जमा किया है, जहां सुरक्षा के लिए कई लेयर वाले मोटे स्टील के दरवाजे मौजूद हैं। कोल्ड वॉर के दौर में बने ये बंकर अब शायद ही इस्तेमाल होते थे, लेकिन टेथर की वजह से इनमें फिर से गतिविधि बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि टेथर जैसी प्राइवेट कंपनी द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में सोने का भंडारण वैश्विक बाजार की संरचना को बदल सकता है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि सोने की कीमतों में पिछले साल आई 65 प्रतिशत तेजी के पीछे टेथर की खरीदारी की अहम भूमिका हो सकती है।
टेथर दुनिया की सबसे बड़ी डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन कंपनी है। इसका यूएसडीटी टोकन बाजार में बड़े स्तर पर सर्कुलेशन में है, जिसकी कीमत लगभग 186 बिलियन डॉलर बताई गई है। कंपनी इससे होने वाली कमाई से अन्य सुरक्षित एसेट्स में निवेश करती है, जिसका बड़ा हिस्सा अब सोने में लगाया जा रहा है। टेथर का उद्देश्य डॉलर पर निर्भरता कम करने का है, जहां वह अपने गोल्ड बैक्ड स्टेबलकॉइन को मजबूत करना चाहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी ने जितनी सोने की खरीद सार्वजनिक रूप से बताई है, वास्तविक आंकड़ा उससे अधिक हो सकता है।