ब्राजील में टोयोटा ने ऐलान किया है कि वह एक नए वाहन के बदले सोयाबीन और मक्का बतौर पेमेंट स्वीकार करेगी।
नई दिल्ली। एक जमाना था जब लोग वस्तु के बदले वस्तु का आदान प्रदान किया करते थे। किसी चीज को खरीदने के लिए लोग इसकी कीमत के बदले अपने पास से कोई चीज देते थे। उस समय कैश जैसा कोई सिस्टम नहीं था। 21वीं सदी में इस तरह की प्रक्रिया के बारे में सोचना असंभव है। मगर बार्टर सिस्टम ने दोबारा वापसी की है।
टोयोटा ने अपने कृषि ग्राहकों को लेकर बिक्री चैनल बनाया है। टोयोटा ने ऐलान किया है कि वह एक नए वाहन, जैसे हिलक्स, एसडब्ल्यू4 (जिसे भारत में फॉर्च्यूनर कहा जाता है) या कोरोला क्रॉस एसयूवी के बदले सोयाबीन और मक्का बतौर पेमेंट स्वीकार करेगी। कंपनी मक्का और सोयाबीन के बदले कार बेच रही है।
ब्राजील यूनिट ने यह ऑफर दिया
टोयोटा ने इस ऑफर को 'टोयोटा बार्टर' नाम दिया है। मगर ये ऑफर भारत में नहीं रखा गया है। बल्कि टोयोटा की ब्राजील यूनिट ने यह ऑफर दिया है। टोयोटा बार्टर ने 2019 में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्लान के तहत ब्राजील में कार खरीदने के लिए अनाज स्वीकार करने वाला पहला बिक्री माध्यम बना।
कैसे होगी लेन-देन
टोयोटा के जरिए लेनदेन मक्का और सोयाबीन के बैग के बाजार मूल्य को देखते हुए किया जाता है। इसका वजन किया जाता है। टोयोटा का यह नया ऑफर ब्राजील के बाहिया, गोआस, माटो ग्रोसो, मिनस गेरैस, पियाउ और टोकैंटिन राज्यों में शुरू हुआ है। अब वह इसका विस्तार करने जा रहा है।
टोयोटा को होगा फायदा
टोयोटा ब्राजील की सीधी बिक्री कृषि बिजनेस क्षेत्र का हिस्सा 16 फीसदी है। इसे और भी बढ़ाने में सहायता की जाएगी। भारत की बात करें तो टोयोटा वर्तमान में भारत में ग्लैंजा हैचबैक,अर्बन क्रूजर कॉम्पैक्ट एसयूवी, यारिस सेडान, इनोवा क्रिस्टा एमपीवी, फॉर्च्यूनर एसयूवी, कैमरी हाइब्रिड सेडान और वेलफायर लग्जरी एमपीवी को बेचता है।