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Union Budget 2026: टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई ता​कत, वित्त मंत्री ने घोषित की नई स्कीमें

Textile Schemes Budget 2026: बजट 2026 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए इंटीग्रेटेड प्रोग्राम, हैंडलूम, खादी, स्किलिंग और मेगा पार्क की घोषणा की गई है। इसमें रोजगार, निर्यात और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
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Feb 01, 2026
textile schemes union budget 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

Union Budget Textile Schemes 2026: लोकसभा में आज बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की आर्थिक दिशा को रेखांकित करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने श्रम प्रधान टेक्सटाइल क्षेत्र को रोजगार, निर्यात और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। बजट भाषण में उन्होंने टेक्सटाइल उद्योग के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का ऐलान किया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

इन स्कीमों की हुई घोषणा

वित्त मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित पैकेज के तहत पांच उप भाग होंगे।

  1. नेशनल फाइबर स्कीम
  2. टेक्सटाइल विस्तार और रोजगार स्कीम
  3. नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम
  4. टेक्स इको इनिशिएटिव
  5. समर्थ 2.0

पहला नेशनल फाइबर स्कीम है, जिसका लक्ष्य प्राकृतिक फाइबर, हस्तनिर्मित फाइबर और न्यू एज फाइबर में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। दूसरा टेक्सटाइल विस्तार और रोजगार स्कीम है, जिसके तहत पारंपरिक टेक्सटाइल क्लस्टर को आधुनिक मशीनरी, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और कॉमन टेस्टिंग व सर्टिफिकेशन सेंटर्स के लिए कैपिटल सपोर्ट दिया जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनेंगे।

हैंडलूम, हस्तशिल्प और स्किल पर फोकस

तीसरा प्रमुख हिस्सा नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम है, जिसके जरिए मौजूदा योजनाओं को एकीकृत कर बुनकरों और कारीगरों को लंबे समय तक सहयोग दिया जाएगा। इसके साथ टेक्स इको इनिशिएटिव शुरू करने का प्रस्ताव है, जो ग्लोबली प्रतिस्पर्धी और सस्टेनेबल टेक्सटाइल व अपैरल को बढ़ावा देगा। इसके अलावा समर्थ 2.0 के माध्यम से इंडस्ट्री और अकादमिक संस्थानों के सहयोग से टेक्सटाइल स्किलिंग इकोसिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा।

मेगा पार्क, ग्राम स्वराज और ग्लोबल लक्ष्य

वित्त मंत्री ने चैलेंज मोड में मेगा हैंड टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा, जो टेक्निकल टेक्सटाइल में वैल्यू एडिशन पर फोकस करेंगे। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज इनिशिएटिव की शुरुआत की जाएगी, जिससे खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प को मजबूती मिलेगी। यह योजना ग्लोबल मार्केट लिंकेज, ब्रांडिंग, ट्रेनिंग, स्किलिंग और क्वालिटी प्रोसेस को सरल बनाएगी। इसका लाभ बुनकरों, ग्रामीण उद्योगों, एक जिला एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को मिलेगा।

Published on:
01 Feb 2026 12:06 pm