कारोबार

UPI Payment फेल हुआ और पैसे कट गए? इन स्टेप्स से वापस आएगी आपकी रकम, ज्यादा देरी होने पर बैंक देगा मुआवजा

UPI Payment Refund: UPI पेमेंट फेल होने के बाद आपको पैसा वापस मिल सकता है। इसके लिए हर UPI ऐप में UDIR की सुुविधा होता है। यदि फिर भी पेमेंट नहीं मिलता तो बैंक पर 100 रुपये हर रोज का जुर्माना लगता है।
3 min read
Aug 18, 2026
upi payments
यूपीआई पेमेंट फेल होने पर आमतौर पर 60 मिनट में रिफंड मिल जाता है। (PC: AI)

Failed UPI Payment Refund Process: आज के समय में डिजिटल पेमेंट ने खरीदारी, बिल पेमेंट और पैसे भेजना आसान बना दिया है। लेकिन कभी-कभी बैंक सर्वर, इंटरनेट या तकनीकी समस्या के कारण UPI ट्रांजेक्शन फेल दिखने लगता है। खाते से रकम कटने के बाद भी जिसको पेमेंट किया है उसके पास पैसे नहीं पहुंचते तो आप दोबारा पेमेंट कर देते हो। ऐसे में तुरंत दोबारा पेमेंट करना गलती भी हो सकती है। क्योंकि जरूरी नहीं कि फेल दिखने वाला पेमेंट हमेशा के लिए अटक गया हो। पहला ट्रांजेक्शन यदि बाद में सफल हो गया तो रकम दो बार कट जाती है। ऐसे में थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। यदि आपके अकाउंट से पैसा कट जाता है और सामने वाले के पास नहीं पहुंचता है, तो ऐसे में कुछ जरूरी कदम हैं, जिनका पालन करके आप वापस अपना पेमेंट पा सकते हैं।

दोबारा पेमेंट से पहले कुछ समय इंतजार करें

पेमेंट फेल दिखना और आपके अकाउंट से पैसा कटने जैसी घटना हर रोज लाखों UPI यूजर्स के साथ घटती है। ऐसे में बैंकों और NPCI के पास ऐसी स्थिति के लिए पहले से ही एक सुरक्षा व्यवस्था होती है। ज्यादातर मामलों में फेल हुए UPI ट्रांजैक्शन एक घंटे के अंदर अपने-आप रिवर्स हो जाते हैं। ऐसे में दोबारा पेमेंट करने की जल्दबाजी न करें और 60 मिनट के लिए इंतजार करें।

UPI Transaction फेल क्यों होते हैं?

पेमेंट फेल होने के पीछे सिर्फ बैंक की तकनीकी समस्या जिम्मेदार नहीं होती। गलत UPI PIN डालना, कम बैलेंस होना, डेली ट्रांजेक्शन लिमिट पार कर जाना और गलत VPA डालना आम गलतियां हैं। इसके अलावा बैंक सर्वर की ओर से होने वाली कमी जैसे कि महीने के आखिर में बैंक सर्वर पर ज्यादा लोड होना, पेमेंट के बीच में इंटरनेट का धीमा होना, NPCI का तय मेंटेनेंस या गेटवे के टाइम-आउट होने से भी ट्रांजेक्शन रुक सकता है।

UDIR का इस्तेमाल करें

हर UPI ऐप में यूनिफाइड डिस्प्यूट एंड इश्यू रिजॉल्यूशन (UDIR) नाम का एक टूल होता है, जो बिना किसी को कॉल किए तुरंत रिफंड दिला सकता है। तरीका यह है कि अपना ऐप खोलकर ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में जाएं और फेल हुए ट्रांजैक्शन पर क्लिक करें। इसके बाद Check Status या Raise Issue पर क्लिक करें। यह एक स्टेप ज्यादातर मामलों को तुरंत हल कर देता है। इसलिए सपोर्ट टीम से संपर्क करने से पहले आपको हमेशा यही करना चाहिए।

सीधे अपने बैंक को कब कॉल करें?

अगर ऐप से समस्या हल नहीं होती है तो आप बैंक के सामान्य कस्टमर केयर पर कॉल करने के बजाए खास UPI सपोर्ट लाइन पर संपर्क कर सकते हैं। कॉल करते समय अपना 12-अंकों का UPI ट्रांजैक्शन रेफरेंस (UTR) नंबर, अपना अकाउंट या UPI ID, मर्चेंट का ट्रांजैक्शन रेफरेंस, और सही तारीख, समय और रकम इन चीजों की जानकारी दें। उनसे मैनुअल स्टेटस चेक करने के लिए कहें और अपने रिकॉर्ड के लिए शिकायत रेफरेंस नंबर नोट कर लें।

ज्यादा देरी पर बैंक को देना होगा हर्जाना

RBI के नियमों में फेल ट्रांजेक्शन पर रिफंड के लिए पक्की समय-सीमा तय है। व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर T+1 वर्किंग डे के अंदर और मर्चेंट से खरीदारी T+5 वर्किंग डे के अंदर वापस (रिवर्स) हो जानी चाहिए। अगर आपका बैंक इन समय-सीमाओं का पालन नहीं करता है, तो आप देरी के हर दिन के लिए 100 रुपये के मुआवजे के हकदार हैं, जो अपने आप मिलेगा।

RBI लोकपाल के पास शिकायत करें

अगर आपकी शिकायत 30 दिनों से ज्यादा समय तक हल नहीं हुई है, तो cms.rbi.org.in पर RBI के इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन के पास मामला ले जाएं। ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट, बैंक या ऐप के साथ बातचीत का डेटा और मर्चेंट ऑर्डर की जानकारी के साथ अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करें। यह तरीका खास तौर पर ऐसे अटके हुए पेमेंट के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए बनाया गया है, जिनमें ज्यादा रकम का ट्रांजेक्शन होता है।

Updated on:
18 Aug 2026 12:43 pm
Published on:
18 Aug 2026 12:40 pm