Urban Company IPO: प्राइमरी मार्केट में बुधवार को अर्बन कंपनी का आईपीओ लॉन्च होने जा रहा है। इससे पहले ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर अच्छी-खासी तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा है।
इस हफ्ते बुधवार, 10 सितंबर को होम सर्विस मार्केटप्लेस अर्बन कंपनी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आ रहा है। आईपीओ लॉन्च होने से पहले ही ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर अच्छे-खासे प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर सोमवार सुबह 29.61 फीसदी या 30.5 रुपये के मुनाफे के साथ ट्रेड करता दिखा है। यह कंपनी के शेयर में निवेशकों के मजबूत रुझान को दर्शाता है। ग्रे मार्केट का प्रीमियम संकेत देता है कि कंपनी का शेयर अच्छे-खासे मुनाफे के साथ स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकता है।
अर्बन कंपनी आईपीओ से 1900 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। आईपीओ में प्राइस बैंड 98 से 103 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से यह शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर 133.5 रुपये (29.61% GMP) पर लिस्ट हो सकता है। यह 472 करोड़ रुपये मूल्य के 4.58 करोड़ शेयरों के फ्रेश इश्यू और 1428 करोड़ रुपये मूल्य के 13.86 करोड़ शेयरों के ऑफर फॉर सेल का एक संयोजन है।
रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ में लॉट साइज 145 शेयरों का है। यानी एक निवेशक को न्यूनतम 14,935 रुपये निवेश करने होंगे। स्मॉल नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को मिनिमम 14 लॉट निवेश करने होंगे यानी 2 लाख रुपये लगाने होंगे। वहीं, बड़े नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को न्यूनतम 67 लॉट यानी 10 लाख रुपये निवेश करने होंगे।
कंपनी आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑफिसों के लिए लीज पेमेंट, मार्केटिंग एक्टिविटीज में खर्च और जनरल कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
अर्बन कंपनी एक टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित ऑनलाइन सर्विसेस मार्केटप्लेस है। यह विभिन्न होम और ब्यूटी कैटेगरीज में क्वालिटी सर्विसेस और सोल्यूशंस प्रदान करती है। यह कंपनी भारत, यूएई, सिंगापुर और सऊदी अरब के 59 शहरों में ऑपरेट करती है। इसमें से 48 शहर भारत के हैं। ग्राहक अर्बन कंपनी से क्लीनिंग, पेस्ट कंट्रोल, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबिंग, कारपेंट्री, पेंटिंग, स्किनकेयर, हेयर ग्रुमिंग और मसाज थैरेपी जैसी सर्विसेस ऑर्डर कर सकते हैं। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी को 239.8 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज हुआ था। कंपनी को वित्त वर्ष 2022 में 514 करोड़ और वित्त वर्ष 2023 में 312 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था।