
Urban Company Q1 Result: कई बार शेयर बाजार सिर्फ मुनाफा नहीं, बल्कि आने वाले समय की संभावनाओं पर भी दांव लगाता है। सोमवार को ऐसा ही कुछ अर्बन कंपनी के साथ देखने को मिला। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में 92 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, लेकिन इसके बावजूद एनएसई पर कंपनी का शेयर सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर 16.85 फीसदी बढ़कर 151.19 रुपये पर पहुंच गया। निवेशकों को कंपनी के मजबूत रेवेन्यू, भविष्य की ग्रोथ और ब्रोकरेज की राय ने उत्साहित किया है। यही वजह रही कि कमजोर नतीजों के बावजूद शेयर में खरीदारी देखने को मिली।
पहली तिमाही में अर्बन कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 44 फीसदी बढ़कर 528 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, कंपनी घाटे में रही, लेकिन कारोबार की रफ्तार तेज बनी रही। कंपनी के एडजस्टेड EBITDA का घाटा 132 करोड़ रुपये रहा। राहत की बात यह रही कि प्रति ऑर्डर EBITDA घाटा घटकर 346 रुपये रह गया, जो पिछली तिमाही में 447 रुपये था। कंपनी का कहना है कि सर्विस नेटवर्क मजबूत होने से लागत में सुधार हुआ है।
अर्बन कंपनी इस समय अपने 10 मिनट में घरेलू मदद उपलब्ध कराने वाले प्लेटफॉर्म InstaHelp पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी का कहना है कि फिलहाल उसकी प्राथमिकता इस कारोबार में मजबूत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है, भले ही इससे निकट भविष्य में मुनाफे पर दबाव बना रहे। गुरुग्राम बेस्ड कंपनी इस सेगमेंट में स्नैबिट और प्रोंटो जैसे प्लेयर्स से मुकाबला कर रही है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी का मुख्य कारोबार पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है। भारत में उपभोक्ता सेवाओं का कारोबार अनुमान से बेहतर रहा। हालांकि, इंस्टाहेल्प का परफॉर्मेंस उम्मीद से थोड़ा कमजोर रहा। ब्रोकरेज का मानना है कि इंस्टाहेल्प की लॉन्ग टर्म की संभावनाएं अच्छी हैं, लेकिन इसकी कमाई का रास्ता अभी आसान नहीं है। कंपनी का अनुमान है कि यह कारोबार वित्त वर्ष 2030-31 तक जाकर ही ब्रेक-ईवन की स्थिति में पहुंच सकता है। इसलिए आने वाले वर्षों में इस पर निवेश जारी रहने की संभावना है।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि भारत में संगठित होम सर्विसेस का बाजार लगातार बढ़ रहा है और अर्बन कंपनी इसका फायदा उठा सकती है। हालांकि, मौजूदा वैल्यूएशन में मुख्य कारोबार की काफी संभावनाएं पहले से शामिल हैं। वहीं, इंस्टाहेल्प में लगातार होने वाला निवेश और मुनाफे को लेकर सीमित स्पष्टता के कारण फिलहाल जोखिम और संभावित रिटर्न दोनों लगभग संतुलित दिखाई देते हैं।
अर्बन कंपनी का आईपीओ पिछले साल काफी चर्चाओं में रहा था। कंपनी के 1,900 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और यह कुल 103 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था। लिस्टिंग के दिन शेयर ने आईपीओ कीमत के मुकाबले करीब 58 फीसदी प्रीमियम के साथ 162.25 रुपये पर शुरुआत की थी। हाल के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले एक सप्ताह में इसमें 11.92 फीसदी, एक महीने में 10.67 फीसदी और इस साल अब तक 11.13 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)