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अमेरिका-चीन रिश्तों में बर्फ पिघलाने की कोशिश, TikTok और ट्रेड पर क्या होगा असर ?

US-China Tensions Over TikTok: अमेरिकी सांसदों की चीन यात्रा का मकसद बढ़ते व्यापार और टिकटॉक विवाद के बीच संवाद बहाल करना है। टिकटॉक के अमेरिकी संचालन को लेकर सौदा लगभग तय है, जिससे अमेरिका को एल्गोरिद्म पर कंट्रोल मिल सकता है।

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Sep 21, 2025
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग। (फोटो: एएनआई.)

US-China Tensions Over TikTok: अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच, अमेरिकी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चीन की यात्रा पर गया है। यह एक दुर्लभ और खास कूटनीतिक प्रयास माना जा रहा है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई तल्खी कम करना है। अमेरिकी सांसदों ने बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में चीन के प्रधानमंत्री ली क़ियांग से मुलाकात की और साफ तौर पर कहा कि वे "बर्फ पिघलाने" की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं। अल जज़ीरा के अनुसार चीनी कंपनी बाइटडांस के स्वामित्व वाला ऐप टिकटॉक अमेरिका में (TikTok US Ban) बहुत लोकप्रिय है। इसके यूएस में 17 करोड़ से ज्यादा यूजर्स (US-China Tensions Over TikTok)हैं। लेकिन अमेरिकी प्रशासन को आशंका है कि इस ऐप के जरिये यूजर्स का डेटा चीन (US China Relations 2025) तक पहुंच सकता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

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क्या हुआ है अब तक ?

व्हाइट हाउस ने एक प्रस्ताव रखा है जिसमें कहा गया है कि एक नया बोर्ड बनाया जाएगा, जो टिकटॉक के अमेरिका में संचालन की निगरानी करेगा। इस बोर्ड की 7 में से 6 सीटें अमेरिकी नागरिकों के पास होंगी। इसके साथ ही, टिकटॉक का एल्गोरिद्म भी अमेरिकी कंपनियों के नियंत्रण में आ सकता है। यह एल्गोरिद्म तय करता है कि यूजर्स को क्या-क्या वीडियो दिखाए जाएं।

ट्रंप का दावा – "देशभक्त खरीदेंगे टिकटॉक"

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि कुछ "देशभक्त" अमेरिकी बिजनेस ग्रुप्स टिकटॉक को खरीदने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि जो कंपनियां इसे खरीदने जा रही हैं, वे तकनीकी रूप से काफी सक्षम हैं, और टिकटॉक को किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल से बचाएंगी।

कौन खरीदार हो सकता है ?

संभावित खरीदारों में सबसे बड़ा नाम है Oracle कंपनी, जिसके प्रमुख लैरी एलिसन ट्रंप के करीबी माने जाते हैं। अगर यह सौदा होता है, तो टिकटॉक के अमेरिका में काम करने का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा।

रास्ता लंबा, लेकिन शुरुआत हो चुकी है

बहरहाल अमेरिकी सांसदों की यात्रा और टिकटॉक को लेकर चल रही बातचीत यह दिखाती है कि दोनों देश अब संवाद से समाधान की ओर बढ़ना चाहते हैं। लेकिन रास्ता आसान नहीं है। व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और भरोसे का संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है।

( एएनआई)

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