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Vedanta Demerger Explained: 5 कंपनियों में टूट जाएगी अनिल अग्रवाल की वेदांता, कब और कैसे होगा डीमर्जर, निवेशकों को क्या मिलेगा?

Vedanta Demerger Record Date: अगर आप वेदांता के डीमर्जर का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपको 29 अप्रैल तक कंपनी का शेयर खरीदना होगा। 30 अप्रैल एक्स डेट है।

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Apr 22, 2026
वेदांता का 1 मई को डीमर्जर होगा (PC: AI)

Vedanta Demerger Record Date: अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली देश की दिग्गज मेटल और माइनिंग कंपनी Vedanta ने डीमर्जर की घोषणा की है। कंपनी अब पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगी। 1 मई 2026 रिकॉर्ड डेट है, लेकिन उस दिन महाराष्ट्र दिवस के चलते बाजार बंद रहेगा। डीमर्जर का स्टॉक बेनिफिट लेने वालों के लिए 29 अप्रैल तक शेयर खरीदना जरूरी है। शेयरधारकों को 1:1 अनुपात में चारों नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे। अगर आपके डीमैट खाते में वेदांता के शेयर हैं या आप खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

भारत में T+1 सेटलमेंट सिस्टम चलता है। यानी शेयर खरीदने के अगले दिन वो आपके खाते में आता है। डीमर्जर का फायदा उन्हीं को मिलेगा, जिनके खाते में 1 मई को वेदांता के शेयर होंगे। 30 अप्रैल एक्स-डेट है। उस दिन या उसके बाद खरीदने वालों को डीमर्जर का कोई फायदा नहीं मिलेगा।

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कैसे बनेंगी 5 कंपनियां?

अभी जो Vedanta Limited है, वो रहेगी। लेकिन उसके चार बड़े कारोबार अलग-अलग कंपनियों में बाहर आएंगे। चार नई कंपनियां Vedanta Aluminium, Vedanta Oil & Gas, Vedanta Power और Vedanta Iron & Steel होंगी। इनके शेयर अलग से बाजार में लिस्ट होंगे। शेयरधारकों को हर एक Vedanta शेयर पर इन चारों कंपनियों का एक-एक शेयर मिलेगा।

कैसे तय होगी शेयर की कीमत

चूंकि 1 मई को बाजार बंद है, इसलिए वेदांता 30 अप्रैल को सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच एक स्पेशल प्री-ओपन सेशन (SPOS) रखेगी। इसी में शेयर की नई कीमत तय होगी। सुबह 10 बजे से नॉर्मल ट्रेडिंग शुरू होगी, लेकिन तब Vedanta का भाव डीमर्जर के बाद का होगा। नई चारों कंपनियों के शेयरों की कीमत 29 अप्रैल के क्लोजिंग प्राइस और 30 अप्रैल के स्पेशल सेशन के ओपनिंग प्राइस के अंतर से तय होगी।

F&O वाले ध्यान दें

Vedanta के सभी F&O कॉन्ट्रैक्ट 29 अप्रैल को एक्सपायर हो जाएंगे। नए कॉन्ट्रैक्ट 30 अप्रैल सुबह 10 बजे से शुरू होंगे। नई चारों कंपनियां फिलहाल F&O में नहीं आएंगी। SEBI के नियम के मुताबिक किसी भी शेयर को डेरिवेटिव में आने के लिए कम से कम 6 महीने का ट्रेडिंग रिकॉर्ड चाहिए।

इंडेक्स में क्या होगा?

Vedanta अभी Nifty Next 50 में 5.2% वेटेज के साथ है। डीमर्जर के बाद इसका वेटेज घटकर 2.3% रह जाएगा। बाकी हिस्सा चारों नई कंपनियों में बंट जाएगा, जो लिस्ट होने तक डमी कॉन्स्टिट्यूएंट के तौर पर इंडेक्स में बनी रहेंगी। लिस्टिंग के बाद तीन ट्रेडिंग दिनों तक लाइव मार्केट कैप के हिसाब से इंडेक्स वेटेज तय होगा।

लिस्टिंग कब होगी?

यह तय नहीं है। Tata Motors, ITC Hotels, Jio Financial जैसी कंपनियों का उदाहरण देखें तो लिस्टिंग में 3 हफ्ते से लेकर कई महीने तक लग सकते हैं। Nuvama का अनुमान है कि Vedanta की नई कंपनियां 4 से 8 हफ्तों में लिस्ट हो जाएंगी। अगर जून तक लिस्टिंग नहीं हुई तो इन कंपनियों का सितंबर वाला Nifty Rebalance चक्र छूट जाएगा और AMFI की कैटेगरी भी अगस्त 2026 की बजाय जनवरी 2027 में तय होगी।

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Published on:
22 Apr 2026 01:26 pm
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