दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द होने से इंडिगो को करीब 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। रिफंड, मुआवजा और ऑपरेशनल खर्च ने कंपनी की वित्तीय चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
IndiGo Loss: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते कुछ वर्षों में घरेलू एविएशन मार्केट की मजबूत खिलाड़ी रही है। कम लागत, समय पर उड़ान और बड़े नेटवर्क के कारण कंपनी ने यात्रियों का भरोसा जीता है। लेकिन दिसंबर 2025 की शुरुआत में अचानक आई ऑपरेशनल समस्याओं ने कंपनी की वित्तीय सेहत को गहरा झटका दिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द होने और देरी के कारण इंडिगो को करीब 2000 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे एविएशन सेक्टर में हलचल मच गई है।
दिसंबर 2025 के पहले हफ्ते में खराब मौसम, क्रू की कमी और ऑपरेशनल मैनेजमेंट से जुड़ी चुनौतियों के चलते इंडिगो को बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। रिपोर्ट के अनुसार 12 दिसंबर तक 4500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसल हुईं। इन रद्द उड़ानों से 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे इंतजार और दोबारा बुकिंग कराने का सामना करना पड़ा। इस स्थिति ने एयरलाइन की छवि और भरोसे दोनों पर असर डाला।
फ्लाइट कैंसलेशन के बाद इंडिगो को यात्रियों की टिकट का रिफंड, होटल में ठहराव, भोजन और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करनी पड़ी। इसके अलावा नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने नियमों के उल्लंघन पर इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी निर्देश दिया गया। नागरिक विमानन आवश्यकताएं (CAR) के तहत कुछ मामलों में यात्रियों को 10 हजार रुपये तक का मुआवजा देना पड़ा, जिससे कुल लागत तेजी से बढ़ती चली गई।
इस घटना के बाद इंडिगो ने ऑपरेशंस को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त खर्च किया। खोए बैगेज लौटाने, कूरियर सर्विस और ग्राउंड स्टाफ बढ़ाने पर भी बड़ी रकम लगी। कंपनी ने यात्रियों की नाराजगी कम करने के लिए 10 हजार रुपये तक के फ्लाइट वाउचर देने की घोषणा की। अनुमान है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावित यात्रियों को किसी न किसी राहत का लाभ मिलेगा। हालांकि इंडिगो का कहना है कि वह स्थिति से उबरने की कोशिश कर रही है, लेकिन इस संकट का असर आने वाली तिमाहियों के नतीजों में दिख सकता है।