
Yes Bank ने जून तिमाही में 1,071 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 33.7 फीसदी ज्यादा है। पिछली तिमाही की तुलना में भी मुनाफे में हल्की बढ़त देखने को मिली। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) दोनों में सुधार हुआ है। बैंक का NIM बढ़कर 2.7 फीसदी पर पहुंच गया। जमा पर ब्याज लागत घटने और PSL शॉर्टफॉल डिपॉजिट कम होने का फायदा मिला है।
यस बैंक का एडवांस यानी लोन पोर्टफोलियो साल-दर-साल आधार पर 18.3 फीसदी बढ़ा है, जबकि डिपॉजिट में 14.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। औसत तिमाही बैलेंस (AQB) के आधार पर भी दोनों में दोहरे अंक की ग्रोथ दर्ज की गई। रिटेल लोन वितरण में बैंक की रफ्तार और तेज रही। इस दौरान रिटेल एसेट डिस्बर्समेंट 27.5 फीसदी बढ़ गया। CASA डिपॉजिट में भी सालाना आधार पर 14.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यस बैंक की एसेट क्वालिटी पहले से बेहतर हुई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.3 फीसदी रह गया। जबकि नेट एनपीए (NNPA) सिर्फ 0.2 फीसदी पर आ गया। रिटेल स्लिपेज पिछले 10 तिमाहियों के सबसे निचले स्तर पर रहा। जून तिमाही में यह 843 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 888 करोड़ रुपये से कम है। नेट क्रेडिट कॉस्ट 0.3 फीसदी पर स्थिर रही।
एक्सिस बैंक ने भी अप्रैल-जून तिमाही में अच्छा परफॉर्म किया है। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध प्रॉफिट 22.5 फीसदी बढ़कर 7,114 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा 5,806 करोड़ रुपये था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) बढ़कर 14,646 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले 13,560 करोड़ रुपये थी। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.46 फीसदी रहा।
30 जून 2026 तक एक्सिस बैंक का कुल एडवांस 12.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसमें सालाना आधार पर 19 फीसदी और तिमाही आधार पर 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। रिटेल लोन 8 फीसदी बढ़कर 6.76 लाख करोड़ रुपये हो गया और यह बैंक के कुल नेट एडवांस का 54 फीसदी हिस्सा रहा। डिपॉजिट भी मजबूत रहे। कुल जमा में सालाना 18 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। करेंट अकाउंट डिपॉजिट 6 फीसदी, सेविंग अकाउंट डिपॉजिट 14 फीसदी और टर्म डिपॉजिट 23 फीसदी बढ़े।
एक्सिस बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 17,124 करोड़ रुपये रह गया। GNPA अनुपात 1.28 फीसदी और NNPA अनुपात 0.39 फीसदी रहा। दोनों आंकड़े पिछले साल के मुकाबले बेहतर हैं। हालांकि, मार्च तिमाही की तुलना में इनमें मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली।