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Investment in Gold: सोना सस्ता हुआ तो फिर लौटे खरीदार, चांदी से निवेशकों ने बनाई दूरी, जानिए सर्राफा बाजार के हाल

Gold Demand Rise: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। कीमतें घटने के बाद निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की दिलचस्पी सोने में फिर बढ़ी है। वहीं, चांदी को लेकर निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Jul 18, 2026

Gold Jewellery Demand

सर्राफा बाजार में सोने की मांग बढ़ी है। (PC: AI)

Gold Rate Outlook: सोने की कीमतों में आई गिरावट अब खरीदारों के लिए मौका बनती दिख रही हैं। पिछले छह हफ्तों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। सिर्फ आम खरीदार ही नहीं, निवेशक भी दोबारा सोने की तरफ रुख कर रहे हैं। दूसरी ओर चांदी को लेकर बाजार का रुख पहले जितना मजबूत नहीं दिख रहा। ग्राहक चांदी से अधिक सोना खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

छह हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सप्ताह सोने की कीमत काफी टूट गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल के दाम चढ़े, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी। बाजार को अब उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में जल्द कटौती नहीं करेगा। इसी वजह से सोने पर दबाव देखने को मिला। पूरे सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 3 फीसदी और चांदी लगभग 7 फीसदी तक कमजोर हुई। LBMA में सोने का स्पॉट भाव 4,111 डॉलर प्रति औंस से फिसलकर 4,000 डॉलर के नीचे आ गया। वहीं, चांदी 59.6 डॉलर से गिरकर 55 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे पहुंच गई।

भारत में गिरावट सीमित रही

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय बाजार में गिरावट वैश्विक बाजार जितनी तेज नहीं रही। इसकी वजह रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना है। ऑगमोंट गोल्ड की रिसर्च प्रमुख रेनिशा चैनानी के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे रुपये पर दबाव आया। इसी कारण एमसीएक्स पर सोना और चांदी की गिरावट करीब 1.5 फीसदी तक सीमित रही। गुड रिटर्न्स के अनुसार, शनिवार को दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,43,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दिखाई दिया। यह एक सप्ताह पहले 11 जुलाई को 1,44,480 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।

सर्राफा बाजार में बढ़ी रौनक

कीमतें गिरते ही बाजार की तस्वीर बदलने लगी है। कई ज्वेलर्स का कहना है कि जुलाई में ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कुमारी फाइन ज्वेलरी की संस्थापक सुप्रिया कटारिया के अनुसार, पिछले महीने की तुलना में जुलाई में पूछताछ और स्टोर विजिट करीब 25 फीसदी बढ़ गया है। कुछ लोग अभी और गिरावट का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ग्राहक यह सोचकर खरीदारी कर रहे हैं कि सोने का सही निचला स्तर पकड़ना आसान नहीं होता।

निवेशकों की पहली पसंद बना सोना

बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर सोना निवेश के लिहाज से आकर्षक दिख रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता का कहना है कि अगर निकट भविष्य में सोने में 5 से 7 फीसदी की और कमजोरी भी आती है, तब भी लंबी अवधि में इससे कहीं ज्यादा तेजी की संभावना है। इसी वजह से निवेशक इसे अच्छे मौके के रूप में देख रहे हैं।

चांदी को लेकर सतर्कता

कुछ महीने पहले तक चांदी निवेशकों की पसंद बनी हुई थी, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कई पेशेवर निवेशक चांदी में अपनी हिस्सेदारी घटाकर दूसरी कमोडिटी में पैसा लगा रहे हैं। विशलिस्ट कैपिटल के पार्टनर नीलांजन डे का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद सोना फिर से लंबी अवधि के निवेश के लिए मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। खासकर गोल्ड ETF के जरिए रणनीतिक खरीदारी बढ़ रही है। उनका मानना है कि शेयर बाजार में बेहतर रिटर्न की उम्मीद जरूर है, लेकिन इससे सोने की अहमियत कम नहीं होती।

गोल्ड ETF में फिर लौटा पैसा

जून महीने में गोल्ड ETF में 3,443 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। इससे पहले मई में 725 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। वहीं सिल्वर ETF में जून के दौरान रिकॉर्ड 4,286 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज हुआ, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके बावजूद चांदी को लेकर निवेशकों का भरोसा पहले जैसा मजबूत नहीं दिख रहा।