आज ये खबर पढ़ने के बाद आपको पता चल जाएगा कि कितनी आसानी से कार या बाइक के लिए वीआईपी नंबर लिया जा सकता है।
कुछ लोग कार खरीदने के लिए तरसते हैं तो कुछ लोग कारों पर अपने मर्जी के हिसाब के नंबर लेने के लिए तरसते हैं और उसके लिए मुंह मागे दाम तक देने के लिए तैयार रहते हैं। कारों पर वीआईपी नंबर रखना लोग अपनी शान मानते हैं और कुछ लोग अपने हिसाब के नंबर रखते हैं, क्योंकि वो उनके लिए लकी होते हैं। अगर आप भी अपनी कार पर अपनी मर्जी के हिसाब का वीआईपी नंबर लेना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। इस खबर को पूरा पढ़ने के बाद आपको ये पता चल जाएगा कि किस तरह से कार के लिए वीआईपी नंबर लिया जाता है।
कार और बाइक पर नंबर के लिए अलग-अलग कीमत चुकानी होती है। जब भी कोई ग्राहक शोरूम पर वाहन खरीदने जाता है तो उसके लिए आरटीओ द्वारा कोई भी नंबर दे दिया जाता है। जो लोग अपनी पसंद के हिसाब से नंबर लेना चाहते हैं वो लोग अपने राज्य के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में जाकर नंबर के लिए अप्लाई कर सकते हैं और सभी नंबर्स की कीमत अलग-अलग होती है।
अगर आप अपनी पसंद के हिसाब से नंबर लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपको parivahan.gov.in साइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा। बाद में वीआईपी नंबर्स की बोली लगाई जाएगी और नंबर खरीदे जाएंगे। इस साइट पर सिर्फ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दादर और नगर हवेली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, पंजाब और झारखंड जैसे राज्य ही मौजूद हैं।
गाड़ी का नंबर जितना ज्यादा अलग होगा उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा चुकानी होगी। नंबर की कीमत 5 हजार रुपये से लेकर कई लाखों रुपये तक हो सकती है। प्रत्येक राज्य के हिसाब से नंबर की कीमत कम या ज्यादा हो सकती है। उत्तर प्रदेश में अगर 0001 नंबर की कीमत 2 लाख रुपये है तो दिल्ली में इसकी कीमत ज्यादा भी हो सकती है।
कई बार नंबर की कीमत बहुत ज्यादा भी हो जाती है। जैसे अगर एक नंबर के लिए अधिक लोगों ने अप्लाई किया है तो ऐसे में नीलामी के जरिए ही नंबर बेचा जाता है और जो ज्यादा कीमत चुकाता है उसको नंबर बेच दिया जाता है।