NATRAX पर किए जाएंगे वाहनों के परीक्षण सरकार ने दी है मंजूरी 4,140 एकड़ में फैला है ये टेस्टिंग स्टेशन
नई दिल्ली: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ( MoRTH ) ने वाहनों के परीक्षण के लिए इंदौर में NATRAX ( नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स ) को वाहनों के परीक्षण के इस्तेमाल के लिए अधिकृत कर दिया है। ARAI , ICAT और GARC जैसी मौजूदा वाहन परीक्षण एजेंसियों पर टेस्टिंग का बोझ कम करने के मकसद से ये फैसला लिया गया है जिससे आने वाले समय में कारों को टेस्ट करने के लिए कार कंपनियों को ज्यादा मशक्क्त नहीं करनी पड़ेगी।
NATRAX 4,140 एकड़ की साइट पर फैला हुआ है और सभी प्रकार के ऑटोमोबाइल के व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन में सक्षम है। नैट्रैक्स में 14 टेस्ट ट्रैक और दो प्रयोगशालाएं शामिल हैं जो यात्री वाहनों, कमर्शियल वाहनों और दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों का पूरी तरह से परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इसे लगभग 500 करोड़ की लागत से राष्ट्रीय मोटर वाहन परीक्षण आरएंडडी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (NATRiP) के तहत तैयार किया गया है जो बेहद ही हाईटेक टेक्नोलॉजी से लैस है।
बीते कुछ महीनों में वाहन परीक्षण के मानदंड भारतीय मोटर वाहन उद्योग में और अधिक सख्त हो गए हैं, वाहन निर्माता लॉन्च होने से पहले विभिन्न स्तरों पर अपने नए मॉडलों का तेजी से परीक्षण कर रहे हैं। आपको बता दें कि पुणे में एआरएआई और मानेसर में iCAT में जैसे वाहन टेस्टिंग सेंटर हैं लेकिन इनके बावजूद भी भारत में एक विश्व स्तरीय मोटर वाहन टेस्टिंग सेंटर की जरूरत थी।
मध्य प्रदेश के इंदौर के पास पीथमपुर में स्थित, NATRAX न केवल भारत में बल्कि एशिया में सभी वाहन परीक्षण सुविधाओं में सर्वश्रेष्ठ होने का दावा करता है। इसके अलावा, मध्य भारत में स्थित होने के कारण यह देश भर के निर्माताओं के लिए अपेक्षाकृत सुलभ है। पिछले साल, टाटा मोटर्स ने इंदौर के पास NATRAX परीक्षण ट्रैक पर उन्नत डबल लेन परिवर्तन और फिश हुक हैंडलिंग परीक्षणों से गुजर रही हैरियर एसयूवी का एक वीडियो जारी किया था।