हवा कम होने से फट जाता है टायर कई कारों में कंपनियां देने लगी है अब ये फीचर
नई दिल्ली: गाड़ी चलाने वाले हर इंसान के साथ हाइवे पर टायर फटने की घटना कभी न कभी जरूर होती है। लेकिन अब सरकार एक ऐसा नियम लाने जा रही है कि जिसके बाद टायर फटने जैसे हादसों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
दरअसल सरकार एक खास सिस्टम को लाने जा रहा है जिसके लगने के बाद टायर फटने जैसे हादसों में कमी आएगी। केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी गाड़ियों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम ( Tyre Pressure Monitoring System ) यानि टीपीएमएस को लगाने का प्रस्ताव रखा है साथ ही इसे सभी गाड़ियों के लिए अनिवार्य बनाने की बात कही है। मंत्रालय ने इस अधिसूचना का ड्राफ्ट भी जारी कर दिया है।
मंत्रालय ने टायर फटने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया ( ARAI ) के साथ मिलकर स्थाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमेटी का गठन किया था। कमेटी की तरफ से 29 अप्रैल को तय मानकों को मानते हुए मंत्रालय ने गाड़ियों में टीपीएमएस लगवाने के मानक जारी कर दिए।
इन कारों में आता है ये फीचर-
टायर मॉनीटरिंग सिस्टम पहले सिर्फ महंगी लग्जरी गाड़ियों में ही आता था। लेकिन हाल के दिनों में कई कार कंपनियां अब ये फीचर दे रही हैं। महिन्द्रा एक्सयूवी300, अपकमिंग एमजी हेक्टर एसयूवी, महिन्द्रा एक्सयूवी 500, फोर्ड एंडेवर, टोयोटा यारिस में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम का फीचर दिया जा रहा है। इसके अलावा मारुति ने भी सेफ्टी फीचर के तौर पर टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम लांच किया है। जिसे एक्सेसरीज के तौर पर खरीदा जा सकता है। कंपनी ने इसकी कीमत 12,990 रुपये रखी है।
टायर मॉनीटरिंग सिस्टम-
इस सिस्टम में 5 सेंसर लगे होते हैं, जो टायरों में भरी हवा के प्रेशर पर नजर रखेगा और जैसे ही हवा का प्रेशर तय सीमा से कम होगा, इसकी सूचना तुरंत ड्राइवर को डैशबोर्ड पर लगी स्क्रीन पर सूचना देगा। वहीं हाइवे पर स्पीड से जाते वक्त घर्षण से टायरों में हवा का दबाव बढ़ता है, तो यह सिस्टम ड्राइवर को अलर्ट कर देगा।
टायरों में हवा का दबाव कम होने का मतलब है हादसे को न्यौता देना। ऐसी स्थिति में टायर फट भी सकता है।