सरकार की प्राथमिकता है इलेक्ट्रिक वाहन इंफ्रास्ट्रक्चर है बड़ी चुनौती इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाएगी सरकार
नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि 2030 से देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें ( electric car ) बिकेंगी । सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के प्लान और सब्सिडी ( subsidy ) दे रही है। लेकिन फिर भी इंफ्रासट्रक्चर की चुनौती बड़ी समस्या है। अब सरकार इसके लिए रोडमैप तैयार कर रही है। सरकार की योजना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों ( electric vehicle ) को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल पंपों पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट्स लगाए जाएं। इसके तहत पूरे देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा।
60 हजार पेट्रोल पंपो पर होगी कार चार्जिंग-
सरकार की योजना है कि देश में मौजूद सभी पेट्रोल पंप को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क में शामिल किया जाए। फिलहाल देश में 60 हजार पेट्रोल पंप हैं । इसके अलावा कई प्राइवेट कंपनियां भी हैं, जो देश में गैस स्टेशंस चलाती हैं। सरकार इन गैस स्टेशनों को भी नेटवर्क में लाने के ऑप्शन पर विचार कर रही है।
ऑटो इंटस्ट्री नहीं है खुश -
सरकार की इस योजना को लेकर ऑटो इंडस्ट्री में बहुत उत्साह नहीं देखा जा रहा। ऑटो कंपनियों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट किया जाए। सरकार इन कंपनियों के विरोध से निपटने के लिए पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बना रही है। इसके अलावा सरकार चाहती है कि देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को लागू करने से पहले बैटरियों मैन्यूफैक्चरिंग करने का बेस बनाना चाहती है।