तपती गर्मी में ठंडा करें कार का केबिन पार्किंग से लेकर ड्राइविंग तक रखना पड़ता है ध्यान
नई दिल्ली: गर्मी ने अपना कहर ढ़ाना शुरू कर दिया है और ऐसे मौसम में मन करता है कि कभी भी एसी से बाहर न जाना पड़े। लेकिन मुसीबत तो तब आती है जब एसी चलाने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिलती और ये सिचुएशन कार चलाने वालों को अक्सर झेलनी पड़ती है। अगर आप भी ऐसे हालात से दो-चार होते हैं तो ये आर्टिकल आपके बेहद काम आएगा क्योंकि हम आज आपको ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे जिन्हें अपनाकर आप 45 डिग्री की चिलचिलाती गर्मी में भी पहाड़़ी इलाकों वाली ठंड का अनुभव करेंगे।
सनशेड का इस्तेमाल-
गर्मी के मौसम में अपनी कार के शीशे पर सनशेड का इस्तेमाल करें। इससे न सिर्फ कार को गर्मी से बचाया जा सकेगा बल्कि कार के अंदर की प्लास्टिक को पिघलने या फटने से बचाया जा सकेगा। लेकिन इन सनशेड के साथ ध्यान रखने वाली बात ये है कि ड्राइविंग करते वक्त इन्हें निकाल देना चाहिए। इसके अलावा खास तौर पर किसी कार मॉडल विशेष के लिए बनाए गए सनशेड भी उपलब्ध हैं। इन सनशेड्स के लिए आपको बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी । एक और बात मार्केट में विंडशील्ड सनशेड्स भी मौजूद हैं, जिन्हें फ्रंट विंडस्क्रीन पर लगाया जा सकता है ।
डोर फैनिंग- अपनी कार के बेहद गर्म केबिन को जल्द ठंडा करने के लिए एसी को फुल पर ऑन करके एयर वेंट्स को नीचे की ओर कर दें। थोड़ी देर के बाद ड्राइवर साइड वाले डोर को 5 से 6 बार खोलें व बंद करें। इससे बैक प्रेशर बनेगा और गर्म हवा पैसेंजर साइड वाली खुली हुई विंडो से बाहर जाएगी। इस तरकीब से कार का केबिन बहुत ही कम समय में ठंडा हो जाता है।
कार के विंडो थोड़ा खुला रखें- कार पार्क करते वक्त खिड़कियों को पूरा बंद करने की जगह एक मामूली सा गैप छोड़ दें। ताकि हवा को केबिन को अंदर आने-जाने की जगह मिल सके।
कार को धूप में न खड़ा रखें- कार को कभी भी कड़ी धूप में न खड़ा रखें इससे न सिर्फ कार गर्म हो जाती है बल्कि उसके पेंट पर भी खराब असर पड़ता है।
विंडो टिंट्स- टिंटिंग यानि कार के शीशे पर लगने वाली पारदर्शी फिल्म। इसकी वजह से कार के कैबिन को ठंडा रखने में मदद मिलती है। टिंटिंग से एयर कंडीशनिंग ज्यादा इफेक्टिव हो जाती है। हालांकि ध्यान रहे कि टिंट कितनी डार्क होनी चाहिए, इसे लेकर कानून है।