वैसे तो महात्मा गांधी ने खुद कोई कार नहीं खरीदी थी। हम आपको उन कारों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें महात्मा गांधी चलते थे।
आज पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती मना रहा है। महात्मा गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा की राह पर चलकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करवाया था। महात्मा गांधी अहिंसावादी थे और उनका कहना था कि अगर कोई एक थप्पड़ मारे तो उसे दूसरा गाल आगे कर देना चाहिए। आज महात्मा गांधी के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उन कारों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें महात्मा गांधी चला करते थे।
फोर्ड मॉडल टी
महात्मा गांधी ने फोर्ड मॉडल टी कार को 1927 के दौरान यूपी में बरेली सेंट्रल जेल से रिहा होकर सफर किया था। इस कार का तब कौन मालिक था, इसके बारे में पता नहीं चला है। ये विंटेज कार तब से कई बार बिकी है और खरीदी गई है। आज भी ये कार सही सलामत अच्छी खासी है। फोर्ड मॉडल टी उस समय की ऐसी कार थी, जिसे खरीदना सिर्फ बहुत बड़े रईसों के लिए ही मुमकिन था।
स्टडबेकर प्रेसिडेंट
स्टडबेकर प्रसिडेंट कार को महात्मा गांधी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान इस्तेमाल किया था। ये अपने समय की बहुत मशहूर कार थी और ये नहीं पता कि उस दौरान इसका मालिक कौन था। स्टडबेकर फर्स्ट जेनरेशन कार को 1926 से 1933 के दौरान बनाया गया था।
पैकार्ड 120
पैकार्ड 120 कार में महात्मा गांधी को सबसे ज्यादा बार सफर करते हुए देखा गया था। ये कार गांधी के मित्र और स्वतंत्रता सेनानी और व्यापारी घंश्यामदास बिड़ला की थी। दिल्ली नंबर की इस कार को महात्मा गांधी ने 1940 के दौरान इस्तेमाल किया था।