अशिक्षित ड्राइवरों के लिए खुश खबरी है दरअसल ऐसे ड्राइवरों को ट्रेन करने के लिए सरकार 2 लाख स्किल सेंटर खोलने वाली है।
नई दिल्ली: हाल ही में राजस्थान कोर्ट ने अशिक्षित ड्राइवरों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का आदेश दिया था लेकिन बाद में सरकार ने इसमें रियायत बरतते हुए आठवीं पास लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस देने की बात कही। अब ड्राइविंग लाइसेंस के संबंध में सरकार एक नया कदम उठाने जा रही है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने हैवी मोटर लाइसेंस या कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को खत्म करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा मंत्रालय अब ड्राइवरों की ट्रेनिंग और उनके स्किल्स बढ़ाने पर फोकस करना चाहता है।
खोले जाएंगे 2 लाख स्किल सेंटर्स ( skill centre )-
मंत्रालय के मुताबिक सरकार ट्रक डाइवरों ( Truck driver ) को ट्रेनिंग देने के लिए देशभर में 2 लाख से ज्यादा स्किल सेंटर ( skill centre ) भी खोलेगी। इन सेंटरों में मोटर व्हीकल एक्ट 1998 के मुताबिक ट्रेनिंग दी जाएगी। जहां उन्हें रोड साइन को पढ़ने के साथ दूसरी लॉजिस्टिकल ड्यूटी निभाना भी सिखाया जाएगा।
कठिन होगा टेस्ट-
मंत्रालय का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वाले हर व्यक्ति के लिए कड़ा स्किल टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। टेस्ट के तहत सुरक्षा खतरों की रिपोर्ट करने के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई और कम्यूनिकेशन स्किल्स के साथ पेपर वर्क की गलतियों में सुधाऱ, ड्राइवर लॉग का रखरखाव, ट्रक और ट्रेलरों की जांच, प्री-ट्रिप और पोस्ट ट्रिप के रिकॉर्ड का रखरखाव सिखाया जाएगा।
बेरोजगार और अशिक्षितों को मिलेगा फायदा-
सरकार केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 8 में संशोधन करने का फैसला करने जा रही है। मंत्रालय के मुताबिक ड्राइविंग के लिए एजूकेशन से ज्यादा कुशलता की जरूरत होती है। आपको बता दें कि सरकार के इस फैसले से बेरोजगारी कम होने के साथ, अशिक्षित लोगों को भी फायदा होगा। इस फैसले से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 22 लाख ड्राइवरों की कमी को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।