कार चालक और मुसाफिरों की सुरक्षा के लिहाज से माना जा रहा बड़ा कदम। ऑटो इंडस्ट्री में पहली बार स्कोडा ने जगमगाते सीटबेल्ट बकल( seatbelt buckle with illumination technology ) का पेटेंट कराया। जब तक सीटबेल्ट नहीं लगेगी बकल लाल लाइट देगा, फिर ग्रीन हो जाएगा।
नई दिल्ली। स्कोडा ने हाल ही में यह जानकारी सार्वजनिक की है कि कंपनी ने ऑटो इंडस्ट्री में अपनी तरह की अनोखी तकनीक का पहली बार पेटेंट कराया है। यह पेटेंट दुनिया की पहली रोशन सीटबेल्ट बकल ( seatbelt buckle with illumination technology ) का है, जो अंधेरे या कम रोशनी में चालक और यात्रियों को सीटबेल्ट लगाने के बकल की आसानी से पहचान करने की सुविधा देती है।
कार निर्माता ने बताया कि यह सीटबेल्ट बकल लाल रंग की रोशनी से चमकता रहता है है ताकि इसे आसानी से ढूंढा जा सके और जब इसमें सीटबेल्ट फिट कर दी जाती है, तब यह हरा हो जाता है।
हालांकि यह कोई बेहद अनोखी पहल नहीं हो सकती है, लेकिन इस बात से भी कोई इनकार नहीं किया जा सकता है कि यह सरल तकनीक न केवल बकल ढूंढने में सहायता कर सकती है, बल्कि सीटबेल्ट पहनने के लिए एक संभावित ध्यान दिलाने वाले रिमांइडर के रूप में भी काम कर सकती है।
इन बकल में रोशनी हर समय नहीं हो सकती है, क्योंकि स्कोडा ने बताया कि इसमें वजन के लिए सेंसर लगे हैं जो यह पता लगाते हैं कि क्या कोई बकल के रोशन होने से पहले सीट पर आ गया है। इस टेक्नोलॉजी का मूल सिद्धांत सीटबेल्ट वार्निंग साउंड की तरह है जो इन दिनों ज्यादातर कारों में यात्री सीटों पर लगते हैं और अगर कोई यात्री सीटबेल्ट ना लगाए तो बीप अलर्ट जारी करते हैं।
जाहिर सी बात है कि अगर सीट खाली है तो बीप अलर्ट की आवाज़ नहीं आती है। स्कोडा ने बताया है कि सीटबेल्ट बकल लाइट के पीछे का कारण कार चालक और कार में बैठने वालों की सुरक्षा में और सुधार करना है।
कंपनी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, "स्मार्ट रोशन सीटबेल्ट बकल, स्कोडा में तैयार, डिज़ाइन और इंजीनियर की गईं कई इन-हाउस विशेषताओं में से एक है। हर साल, ब्रांड आइडिया और सिस्टम के लिए कई पेटेंट एप्लीकेशंस को फाइल करता है ताकि कार मालिकों और ड्राइवरों के लिए जीवन को आसान, सुरक्षित और अधिक सुखद बनाया जा सके।"