चंदौली

सांसद को बताया था ‘लापता’, अब जब आया हाशिए पर तो साथ में नहीं खड़ा हुआ कोई बड़ा नेता, जारी किया वीडियो

छात्र से जनपद की राजनीति में कदम रखते ही सांसद को बनाया निशाना, अब पड़ा अकेला, नहीं आया कोई साथ, फिर भी हौसला बरकरार  

3 min read
Jun 03, 2020
mahendra nath pandey

संतोष जयसवाल.

चंदौली। छात्र राजनीति की दहलीज को लांघकर जनपद की राजनीति में कदम रखने वाले अंकित यादव इस वक्त अपने ही संगठन से अलग-थलग नजर आ रहे हैं। भाजपा के कद्दावर नेता व चंदौली सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय के लापता होने के पोस्टर चस्पा करने के दुस्साहसिक काम ने सुर्खियों में जगह बनायी तो छात्रनेता अंकित निशाने पर आ गए। एक तरफ जहां भाजपा संगठन व आईटी सेल उसके खिलाफ सोशल मीडिया पर हमलावर दिखी। उधर, जनपद पुलिस भी गुंडा एक्ट में शिंकजा कसने की तैयारी में है। ऐसे विषम हालात में समाजवादी पार्टी ने अपने ही युवा नेता का साथ छोड़ दिया।

बावजूद इसके अंकित यादव ने खुद को हाशिए पर खड़ा देख हौसला नहीं खोया और वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात उन युवा साथियों तक पहुंचाने में सफल रहे, जो उनके सम्पर्क में नहीं थे। इसके बाद सपा से जुड़ा एक-एक नौजवान फेसबुक के जरिए अंकित के हौसले को बुलंदी देने में जुट गया। हालांकि चंदौली के दिग्गज सपाईयों में गिने जाने वाले सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर के अलावा पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह, संगठन के महासचिव नफीस अहमद गुड्डू, पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव समेत सभी फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्ष व उनके पदाधिकारियों ने किसी भी माध्यम से खुलकर छात्रनेता अंकित यादव के समर्थन में खड़े होने की कोशिश नहीं की।

अपनी ही पार्टी के निशाने पर अंकित-

राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि सपा के बड़े नेता अपने छात्र नेता की अचानक बढ़ी लोकप्रियता से काफी चिंतित व पशोपेश में है। क्योंकि अपने कुशल नेतृत्व क्षमता, आगे बढ़ने की अतिमहत्वकांक्षा ने बहुत पहले ही अंकित यादव को अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं के निशाने पर ला दिया था। ऐसे में चंदौली सांसद के खिलाफ पोस्टर जंग छेड़कर पूर्वांचल समेत प्रदेश की राजनीति में अंकित यादव इन दिनों सुर्खियां बटोर रहा है, जो स्थानीय नेताओं के गले नहीं उतर रहा है। हालांकि सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि पुलिस का यह कृत्य नैतिकता का दमन है, जिसे समाजवादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।

अंकित पर गुंडा एक्ट लगाना गलतः मनोज काका

सपा के पूर्व प्रवक्ता मनोज सिंह काका अंकित यादव प्रकरण को लेकर जनपद पुलिस पर हमलावर दिखे। उन्होंने कहा कि अपने चुने हुए जनप्रतिनिधि से सवाल करना इतना बड़ा गुनाह है कि पुलिस एक छात्रनेता पर गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही कर रही है। यह पूरी तरह लोकतंत्र की हत्या है। इन कृत्यों से ऐसा लग रहा है जैसे संविधान की शपथ लेने वाले पुलिस अफसरों को आईपीसी व सीआरपीसी की ठीक ढंग से जानकारी नहीं है, तभी तो वे मानहानि जैसे मामले में गुंडा एक्ट लगाने की बात कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे जनपद पुलिस ने किसी तानाशाह के गुलामी की शपथ ले रखी है। यदि गुंडा एक्ट में कार्यवाही हुई तो चंदौली के 22 लाख लोग अपने जनप्रतिनिधि से सवाल करेगी। देखते हैं तब कितने लोगों पर पुलिस गुंडा एक्ट लगाती है।

छात्रनेता पर मानहानि का मामला दर्ज

सांसद व कैबिनेट मंत्री डा. महेंद्रनाथ पांडेय के लापता पोस्टर मामले में जनपद पुलिस ने सपा के छात्र नेता अंकित यादव के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उक्त प्रकरण की जानकारी देते हुए सीओ सदर कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 500 व 501 आईपीसी के तहत मुगलसराय कोतवाली में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद छात्र नेता के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी।

Published on:
03 Jun 2020 09:00 pm
Also Read
View All