चण्डीगढ़ हरियाणा

हरियाणा में 504 करोड़ का घोटाला: बैंक अफसरों संग मिलकर डकार गए योजना का पैसा, 6 IAS अधिकारी भी आरोपी

Haryana Government Fund Scam: हरियाणा के 504 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड घोटाले में CBI ने तीसरी चार्जशीट दाखिल की है। छह आईएएस अधिकारियों समेत 19 नए आरोपियों के नाम शामिल हैं। इस मामले में अब तक 26 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
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Haryana Financial Scam Crime
504 करोड़ के घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन (Photo: IANS/File)

Bank Fraud Modus Operandi Haryana: हरियाणा सरकार के करीब 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड के कथित गबन के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीसरी चार्जशीट दाखिल की है। 2 सितंबर को पंचकूला की विशेष CBI अदालत में दाखिल की गई इस चार्जशीट में 19 नए आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनमें हरियाणा कैडर के छह IAS अधिकारी, बैंक अधिकारी और कई अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इस नई चार्जशीट के बाद मामले में अब तक कुल 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

6 IAS अधिकारियों समेत 19 नए आरोपी

CBI की तीसरी चार्जशीट में हरियाणा कैडर के छह IAS अधिकारियों के अलावा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के तीन अधिकारी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत नष्ट करने, खातों में हेरफेर, आपराधिक विश्वासघात और उकसाने जैसे आरोप लगाए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत और आपराधिक कदाचार से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।

सरकारी अधिकारियों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

CBI की जांच के मुताबिक, सरकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी धन को योजनाबद्ध तरीके से दूसरी जगह भेजने की साजिश रची।

जांच में सामने आया कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संस्थाओं से संबंधित धनराशि विभिन्न अधिकृत बैंकों से निकालकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की कुछ खास शाखाओं में ट्रांसफर की गई। सीबीआई का आरोप है कि इन ट्रांसफर में हरियाणा वित्त विभाग की ओर से जारी वित्तीय सतर्कता और धोखाधड़ी रोकने से संबंधित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया।

कई बैंक खातों के जरिए पैसों को घुमाया, फिर कैश निकाला

केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, सरकारी खातों से रकम ट्रांसफर होने के बाद उसे कथित तौर पर ऐसे तीसरे पक्षों को भेजा गया, जिनका संबंधित सरकारी विभागों से कोई संबंध नहीं था।

इसके बाद रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया, जिसे वित्तीय भाषा में लेयरिंग कहा जाता है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अंततः इस रकम को नकद में बदला गया और इस पूरी प्रक्रिया से आरोपियों को कथित तौर पर गलत तरीके से आर्थिक लाभ पहुंचा।

इन सरकारी विभागों की रकम का गबन

CBI के मुताबिक, कथित वित्तीय अनियमितता से हरियाणा के कई महत्वपूर्ण विभाग और सरकारी संस्थाएं प्रभावित हुईं। इनमें पंचायत विभाग, पंचकूला और कालका नगर निगम, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा पॉवर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड शामिल हैं। पूरे मामले में कथित वित्तीय घोटाले की रकम करीब 504 करोड़ रुपये आंकी गई है।

अब तक 54 जगहों पर छापेमारी, 26 गिरफ्तार

इस मामले की शुरुआती जांच हरियाणा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा था। बाद में हरियाणा सरकार के अनुरोध पर CBI ने जांच अपने हाथ में ले ली। इससे पहले CBI इस मामले में 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, निजी व्यक्ति और कंपनियां शामिल हैं।

सीबीआई के अनुसार, जांच के दौरान अब तक 54 स्थानों पर तलाशी ली जा चुकी है। एजेंसी ने मामले में 26 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। तलाशी और जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इनमें करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य का सोना भी शामिल है। 504 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड घोटाले में छह IAS अधिकारियों समेत 19 नए नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

Updated on:
03 Sept 2026 10:07 am
Published on:
03 Sept 2026 09:51 am