
राजेंद्र सिंह जादौन की रिपोर्ट...
(चंडीगढ): पंजाब के मुक्तसर जिले के मलौट को आगामी 11 जुलाई को आयोजित किसान कल्याण रैली के लिए एक राजनीतिक हाॅट स्पाॅट के रूप में चुना गया है। इस रैली को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे। राजनीतिक हाॅट स्पाॅट इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पिछले 16 साल में पंजाब के सात जिलों में 1674 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है। इन सात जिलों में भी मुक्तसर की स्थिति सबसे अधिक बदतर रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से पिछले साल राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया था।
रिपोर्ट में यह बात आई सामने
रिपोर्ट में बताया गया था कि वर्ष 2000 से 2016 तक प्रदेश के 22 जिलों में से सात जिलों में 1674 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें मुक्तसर जिला सबसे टाॅप पर है। मुक्तसर जिले में 825 आत्महत्या दर्ज की गईं। बाकर 874 आत्महत्या फरीदकोट,फतेहगढ साहिब,होशियारपुर,पटियाला, रूपनगर व एसएएस नगर में की गई। ऐसे में मुक्तसर जिले का मलौट किसान कल्याण रैली के लिए हाॅट स्पाॅट है। यहां आयोजित रैली में हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को भी आसानी से जोडा जा सकेगा।
किसानों को मिला फायदा
हाल में केन्द्र सरकार ने खरीफ की फसलों के लिए समर्थन मूल्य की घोषणा की है और उसमें लागत का पचास फीसदी लाभ शामिल करने का दावा किया है। केन्द्र में सत्तारूढ भाजपा का पंजाब में अकाली दल के साथ पुराना गठबंधन है। यह गठबंधन ही किसान कल्याण रैली में प्रधानमंत्री को आमंत्रित कर किसानों के लिए लाभकारी दामों की घोषणा के लिए धन्यवाद देने जा रहा है। रैली के आयोजन के पीछे यही रणनीति रही है कि करीब आते लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौर में किसानों के बीच लाभकारी मूल्य दिए जाने की बात जोर-शोर से रखी जाए। सर्वाधिक आत्महत्या वाला जिला होने के कारण मुक्तसर के किसानों को यह बात अधिक करीब से सुनाई जानी थी।
साधे जाएंगे राजनीतिक हित
रैली में पंजाब और हरियाणा के किसानों को बताया जाएगा कि खरीफ फसलों के नए समर्थन मूल्य से उन्हें कितना लाभ मिलने जा रहा है। पंजाब और हरियाणा के भाजपा नेताओं के आकलन के अनुसार नए समर्थन मूल्य से पंजाब के किसानों को 3700 करोड रूपए और हरियाणा के किसानों को 1500 करोड रूपए का लाभ मिलेगा। इस तरह सर्वाधिक आत्महत्या वाले जिले में किसानों की दिलासा के लिए यह खुलासा किए जाने के साथ चुनावी समीकरण भी साध लिए जायेंगे।