
चंडीगढ। केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को एक अहम् फैसला करते हुए गुरूद्वारों के लंगर की खाद्य सामग्री को जीएसटी से मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही अब तक वसूले गए जीएसटी की राशि लौटाई जायेगी। केन्द्र सरकार ने इस सिलसिले में शुक्रवार सुबह अधिसूचना जारी कर दी।
पंजाब में स्वर्ण मंदिर के लंगर की खाद्य सामग्री को जीएसटी मुक्त करने की मांग शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी द्वारा लम्बे समय से की जा रही थी। इसके साथ ही यह राजनीतिक मुद््दा भी बन गया था। एक ओर पंजाब में सत्तारूढ कांग्रेस केन्द्र की सत्ता में साझेदार अकाली दल पर लंगर की सामग्री जीएसटी मुक्त न कराने का आरोप लगा रही थी तो अकाली दल जीएसटी कौंसिल सदस्य के रूप में पंजाब के वित्त मंत्री द्वारा मुद््दा उठाए जाने और मांग मंजूर करवाने पर जोर दे रहा था।
इस पर वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने सफाई दी थी कि उन्होंने जीएसटी कौंसिल में मुद््दा उठाया है लेकिन केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली मंजूर नहीं कर रहे। पंजाब विधानसभा के इसी साल के बजट सत्र में जब इस मुद्दे पर चर्चा हुई तो मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने सदन में ऐलान किया था कि राज्य सरकार लंगर की सामग्री पर जीएसटी में अपना हिस्सा नहीं जेगी।
स्वर्ण मंदिर के लंगर की सामग्री पर अब तक दो करोड रूपए जीएसटी के चुकाए गए है। इस लंगर में रोजाना 55000 से 60000 के बीच लोग भोजन ग्रहण करते हैं और इसके लिए सालाना 75 करोड रूपए की खरीद की जाती है। केन्द्र सरकार सेवा भोज योजना के तहत शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी को जीएसटी की भरपाई करेगी।
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अलावा लखनउ गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी ने भी लंगर की खाद्य सामग्री जीएसटी मुक्त करने की मांग की थी। अकाली दल अध्यक्ष सुखवीर बादल पत्नी हरशिमरत कौर बादल के साथ मंगलवार को स्वर्ण मंदिर गए थे। उन्होंने वहां कहा था कि केन्द्र सरकार जल्दी ही लंगर की सामग्री जीएसटी मुक्त करेगी।