एसआईटी गिरफ्तार किए गए लोगों को गुरूग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में मुख्य अभियुक्त मान रही है
राजेंद्र सिंह जादौन की रिपोर्ट.....
(चंडीगढ): पंजाब पुलिस की एसआईटी ने फरीदकोट जिले के बुर्ज जवाहर सिंह वाला और बरगरी गांवों में तीन साल पहले हुई गुरूग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के मामले में डेरा सच्चा सौदा के चार अनुयायिओं को गिरफ्तार किया है। एसआईटी इन लोगों को गुरूग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में मुख्य अभियुक्त मान रही है।
एसआईटी ने फरीदकोट जिले के कोटकपुरा निवासी मोहिंदर पाल बिट्टू को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से गिरफ्तार किया है। यह डेरा की राज्य कमेटी का सदस्य है। बेकरी की दुकान चलाने वाला बिट्टू पिछले साल डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद से ही फरार था। सजा के बाद पंचकूला में हिंसा के सिलसिले में पंचकूला पुलिस ने जिन 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था उनमें से एक मोहिंदर पाल भी है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए नौ माह से फरार
गिरफ्तारी से बचने के लिए मोहिंदर पाल पिछले नौ माह से पालमपुर में रह रहा था। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी के लिए एक डेरा अनुयायी व मोहिंदर पाल के एक करीबी की मदद ली। एसआईटी ने कोटकपुरा से तीन और लोग गिरफ्तार किए। इनमें एक डेयरी संचालक सन्नी कांडा,उसका भाई सुखप्रीत सिंह,उनका मानसा निवासी रिश्तेदार जग्गी शामिल है। कोटकपुरा में मुक्तसर रोड स्थित कांडा के निवास में किसी परिजन को भी जाने की अनुमति नही दी गई है।
सिख कट्टरपंथियों ने पिछले सप्ताह से गुरूग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले के अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बरगरी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ में इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री से भी मिला था ओर इस कारण सरकार दवाब में थी। बेअदबी की घटनाओं का विरोध करने के दौरान अक्टूबर 2015 में दो सिख युवकों के पुलिस गोली से मारे जाने के मामले में दोषी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग भी की जा रही है।