
(चंडीगढ): पंजाब में नशे की समस्या इस कदर बढ गई है कि हर कोई इस समस्या को लेकर चिंतित है। इस समस्या ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की छवि को धूमिल कर दिया है। सरकार से लेकर आम आदमी तक इस समस्या से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। सरकार ने जहां नशे के काम में लिप्त लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है वहीं राज्य के पंचायतराज और ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने एक विशेष घोषणा की है जिससे नशामुक्ति अभियान को सकारात्मक दिशा मिल सकती है।
हर नशा मुक्त गांव को मिलेगा यह इनाम
पंजाब के पंचायतराज और ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने राज्य सरकार के नशामुक्ति अभियान को आगे बढाते हुए रविवार को कहा कि नशे से मुक्त होने वाले प्रदेश के हर गांव को पांच लाख रूपए दिए जाएंगे। बाजवा ने कहा कि पूरी तरह नशे से मुक्त होने वाले गांव को जिम व खेल का सामान खरीदने के लिए यह राशि दी जाएगी। सरकार की इस पहल से लोग व्यायाम की ओर अग्रसर होंगे।
नशे के खिलाफ होना होगा एकजुट
उन्होंने कहा कि हेरोइन जैसी ड्रग की मुख्य आपूर्ति रोक दी गई है और अब सिर्फ छोटे विक्रेता ही सक्रिय हैं। इन पर भी सख्ती की जा रही है। बाजवा पंजाब के सीमावर्ती जिला गुरदासपुर की फतेहगढ़ चूरियां विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र के लागों से अपील की कि वे फतेहगढ़ चूरिया को पहला नशामुक्त विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और इसकी जड़े कहां हैं, इस दोषारोपण के खेल में फंसने के बजाय हमें इसके सफाए के लिए मजबूती के साथ एकजुट होना होगा। ड्रग ओवरडोज के कारण मौतों में तेजी आने से पंजाब की 16 माह पुरानी कांग्रेस सरकार संकट का सामना कर रही है।