
चंडीगढ़। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनप्रीत सिंह 'गोनी' और अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता एथलीट कुणार बुधवार को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। दोनों खिलाड़ियों ने पंजाब सरकार की जनहितैषी नीतियों और राज्य में किए जा रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल होने की बात कही। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोनों खिलाड़ियों का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में पंजाब का नाम रोशन करने वाले युवाओं का आप से जुड़ना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों का अनुभव पंजाब के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने में मदद करेगा और 'रंगला पंजाब' बनाने के अभियान को मजबूती मिलेगी। मान ने दोनों खिलाड़ियों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां भी मौजूद रहे। आप में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह गोनी और कुणार ने कहा कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की नीतियों और राज्य के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों से प्रभावित हैं। दोनों ने पार्टी को मजबूत करने और पंजाब के कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी से काम करने का भरोसा दिलाया।
पार्टी ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों के जुड़ने से पंजाब के युवाओं और खेल समुदाय के साथ उसका जुड़ाव और मजबूत होगा। इसे खेल जगत से जुड़े प्रतिभाशाली पंजाबियों की सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में बढ़ती भागीदारी के रूप में भी बताया गया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनप्रीत सिंह गोनी दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज और बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय टीम के अलावा घरेलू क्रिकेट में पंजाब और इंडियन प्रीमियर लीग में कई टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। गोनी चेन्नई सुपर किंग्स, डेक्कन चार्जर्स और किंग्स इलेवन पंजाब जैसी टीमों के लिए खेल चुके हैं। जून 2019 में उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। अब उन्होंने आम आदमी पार्टी में शामिल होकर राजनीतिक पारी की शुरुआत की है।
आपको बता दें कि मनप्रीत सिंह गोनी ने आईपीएल से अपने करियर की शुरुआत की थी। साल 2008 में उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स की जर्सी पहनी। इस सीजन में वह 17 विकेट लेकर चर्चाओं में रहे थे। इसके बाद उन्हें एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया था। जून 2008 में हांगकांग के खिलाफ उन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ खेलने का मौका मिला। हालांकि इन दो मैचों में वे कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ सके और केवल 2 विकेट ही ले पाए। हालांकि इसके बाद उन्हें टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया और वे कभी वापसी नहीं कर पाए।