
Social Media Influencer Murder: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की संदिग्ध हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने मंगलवार देर रात कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ 'पिंडा को सेक्टर-38 मोटर मार्केट के पास से गिरफ्तार किया। बुधवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस को पूछताछ के लिए चार दिन की रिमांड मिल गई।
पुलिस के मुताबिक, जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन के जरिए कथित अपहरण से जुड़ी घटना के समय पिंडा की मौजूदगी का पता चला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मनजीत के अपहरण में अपनी भूमिका स्वीकार की है, लेकिन उसे आग लगाने की बात से इनकार किया है।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मनजीत को 3 और 4 जुलाई की दरम्यानी रात उसके परिचित लोगों ने सेक्टर-34 बुलाया था। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और जबरन एक गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। मनजीत को पंजाब के मोरिंडा के पास जंगल वाले इलाके में ले जाकर पेड़ से बांधा गया और कथित तौर पर आग लगा दी गई। बाद में मौके पर पहुंचे एक अन्य परिचित ने कंबल से आग बुझाई।
मनजीत को पहले मोरिंडा के अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उसे मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और हालत गंभीर होने पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान 26 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
पुलिस इस मामले को ‘डबल मर्डर’ के तौर पर भी देख रही है, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मनजीत मौत के समय करीब सात सप्ताह की गर्भवती थी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पिंडा ने दावा किया कि मनजीत ने उससे कहा था कि गर्भ में पल रहा बच्चा उसका है। हालांकि, पिंडा ने इस दावे से इनकार किया। पुलिस को अंदेशा है कि यह प्रेगनेंसी विवाद ही इस खौफनाक वारदात की मुख्य वजह हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूछताछ में पिंडा ने वारदात को लेकर एक बिल्कुल नया दावा किया है। उसका कहना है कि मनजीत को मोरिंडा के जंगल में नहीं ले जाया गया था। उसके अनुसार, सेक्टर 34 स्थित एक पार्क के पीछे रिंकू के साथ हुए विवाद के बाद उसे आग लगाई गई थी।
उसने दावा किया की रिंकू के साथ कथित विवाद के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसके बाद मनजीत को कार में ले जाया गया, उसके साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर उसे आग के हवाले कर दिया गया। लेकिन पकड़े जाने के डर से आग बुझा दी गई। इसके बाद रिंकू कथित तौर पर मनजीत को खरड़ स्थित एक फ्लैट में ले गया, इस उम्मीद में कि वह बच सकती है।
हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि पिंडा के बयान को अभी अंतिम सच नहीं माना जा सकता। वह इस मामले में गिरफ्तार किया गया पहला आरोपी है और उसके दावों की जांच की जा रही है।
मनजीत की मां ने पहले ही उसके परिचित पिंडा और रिंकू पर संदेह जताया था। दोनों के नाम एफआईआर में दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। पिंडा से पूछताछ के जरिए अहम सुराग मिल सकता है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि मनजीत को वास्तव में कहां ले जाया गया था, आग लगाने की घटना किस जगह हुई और इस पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे। पिंडा के दावों और घटनास्थल से मिले सबूतों का मिलान करने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। पुलिस फिलहाल वारदात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।