सुषमा स्वराज को भेजे पत्र में केप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि करतारपुर साहिब सर्वाधिक श्रद्धा वाले सिख धार्मिक स्थलों में से एक है, गुरूनानक देव ने अपने जीवन का लंबा हिस्सा यहां बिताया था...
(चंडीगढ): पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेकर लौटने के बाद पंजाब के शहरी निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने दावा किया था कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोलने पर पाकिस्तान सरकार विचार कर रही है। इसके बाद भी सिद्धू ने ऐलान किया कि पाकिस्तान सरकार ने यह कॉरिडोर खोलने का फैसला कर लिया है। लेकिन इन दावों के बेनतीजा रहने के बाद अब मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अनुरोध किया है कि डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान स्थित करतारपुर तक कॉरिडोर खोलने का मुद्या पाकिस्तान सरकार के साथ उठाया जाए।
विदेश मंत्री को दूसरी बार लिखा पत्र
सुषमा स्वराज को भेजे पत्र में केप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि करतारपुर साहिब सर्वाधिक श्रद्धा वाले सिख धार्मिक स्थलों में से एक है। गुरूनानक देव ने अपने जीवन का लंबा हिस्सा यहां बिताया था। उन्होंने बताया कि करतारपुर साहिब गुरूद्वारा भारत के पंजाब के गुरूदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक से चार किमी पश्चिम की ओर पाकिस्तान में स्थित है। पंजाब सरकार ने बार-बार केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि यह मुद्या पाकिस्तान सरकार के साथ उठाया जाए। गुरूनानक देव की 550 वीं जयंती का उल्लेख करते हुए अमरिंदर सिंह ने विदेश मंत्री को बताया कि पंजाब विधानसभा ने पिछले 27 अगस्त को इस कॉरिडोर को खोलने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। अमरिंदर सिंह ने इससे पहले भी 20 अगस्त को सुषमा स्वराज को पत्र भेजकर कॉरिडोर खोलने का मुद्दा पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाने का अनुरोध किया था।
बाजवा से गले मिले थे सिद्धू,सफाई में कही करतारपुर कॉरिडोर खोलने की बात
इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने गए नवजोत सिद्धू वहां पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के गले मिले थे। पाकिस्तान की सेना द्वारा सीमा पर भारतीय जवानों की हत्या किए जाने की स्थिति में जब सिद्धू के जनरल जावेद बाजवा के गले मिलने पर भारत में कडी आलोचना हुई तो सिद्धू ने दावा किया था कि जनरल कमर जावेद बाजवा ने उन्हें करतारपुर कॉरिडोर खोलने का भरोसा दिलाया था और इस कारण भावुक होकर वे गले लग गए। इसके बाद भी सिद्धू ने दावा किया था कि पाकिस्तान सरकार कॉरिडोर खोलने के लिए तैयार है।