
चंडीगढ़। पंजाब में अलग-अलग जिलों से सामने आई दो दर्दनाक घटनाओं ने सभी को झकझोर दिया। होशियारपुर में लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध और कथित प्रताड़ना से परेशान 24 वर्षीय युवक ने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं कपूरथला में घरेलू विवाद के बाद एक महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ कथित रूप से कीटनाशक पी लिया। इस घटना में दो वर्षीय मासूम की जान चली गई, जबकि महिला और उसकी दोनों बेटियां गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला पंजाब में होशियारपुर जिले के दसूया क्षेत्र से सामने आया था। यहां 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध करते हुए आरोपियों ने युवक को लगातार प्रताड़ित किया, जिससे परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। पुलिस के अनुसार मृतक लखवीर, जो पेशे से चालक था। पिछले चार-पांच महीनों से दसूया के भट्टी दा पिंड गांव की एक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था।
पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि युवती के रिश्तेदार बिल्ला, उसके चाचा (दोनों निवासी गांव नंगल बिहाला) तथा एक अज्ञात व्यक्ति इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। आरोप है कि तीनों लगातार लखवीर को परेशान कर रहे थे और घटना से दो-तीन दिन पहले उसके साथ मारपीट भी की थी। बताया गया कि 12 जुलाई को लखवीर ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ निगल लिया। पहले उसे सिविल अस्पताल दसूया ले जाया गया, जहां से निजी अस्पताल मुकेरियां रेफर किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए जालंधर ले जाते समय देर रात रास्ते में उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक मौत से पहले लखवीर ने अपने परिजनों को बताया था कि आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। परिजनों ने उसका बयान वीडियो में भी रिकॉर्ड किया था। मृतक के भाई की शिकायत पर दसूया थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ कपूरथला जिले के गांव मल्लू कादराबाद में कथित घरेलू विवाद के कारण एक प्रवासी महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ जहरीला कीटनाशक निगल लिया। इस दर्दनाक घटना में एक मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गयी, जबकि महिला और उसके दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अमृतसर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मल्लू कादराबाद गांव निवासी लवकुश कुमार ने बताया कि वह देर रात खेतों में काम करने के बाद घर लौटा तो उसकी पत्नी संतोष देवी उल्टियां कर रही थी। पास में कीटनाशक की बोतल पड़ी थी, जबकि तीनों बच्चे अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद उसने तुरंत 108 एंबुलेंस की सहायता से सभी को सिविल अस्पताल कपूरथला पहुंचाया। पीड़ितों में संतोष देवी, उसकी आठ वर्षीय बेटी अमृता, छह वर्षीय बेटी खुशी और दो वर्षीय बेटा शामिल थे। सभी को अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कर डॉ. करणप्रीत सिंह की देखरेख में उपचार शुरू किया गया।
इलाज के दौरान दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। वहीं, संतोष देवी तथा उसकी दोनों बेटियों की हालत बिगड़ने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर रेफर कर दिया गया। तीनों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। थाना प्रभारी (एसएचओ) रणजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।