
पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम
Punjab School Fee Hike: पंजाब में बच्चों की पढ़ाई को महंगा बनाने वाली प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सरकार ने अंकुश लगा दिया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने फीस बढ़ोतरी को कंट्रोल करने वाला अध्यादेश पास कर दिया है। अब कोई भी गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल एक साल में फीस 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं बढ़ा सकेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह आम अभिभावकों और बच्चों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने राज्यपाल का शुक्रिया अदा किया और कहा कि लंबे समय से स्कूलों द्वारा बिना सोचे-समझे फीस बढ़ाने की शिकायतें आ रही थीं, जिससे आम परिवारों पर बोझ बढ़ रहा था।
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाएगी, ठीक वैसे ही जैसे अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में किया था। गवर्नर ने इस अध्यादेश को मंज़ूरी दे दी है।
अध्यादेश लागू होने के बाद स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे। अगर कोई बढ़ोतरी करनी भी है तो वह 5% की सीमा के अंदर ही होगी। इससे पहले कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अब राज्यपाल की सहमति के बाद यह कानून बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा को कोई व्यापार नहीं बनाने देंगे। हर बच्चे को अच्छी पढ़ाई का अधिकार है। सरकार आम लोगों की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
सूत्रों के मुताबिक 9 जुलाई को राज्यपाल ने इस अध्यादेश पर दस्तखत किए। 10 जुलाई को सरकार को इसकी आधिकारिक जानकारी दे दी गई। अब स्कूल शिक्षा विभाग इसकी पूरी तैयारी कर रहा है।
सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों को राहत मिलेगी। जो स्कूल 5% से ज्यादा फीस बढ़ाते हैं, उन पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है। यह फैसला उन मां-पिताओं के लिए अच्छी खबर है जो साल-दर-साल स्कूल फीस के चक्कर में परेशान रहते थे। अब उम्मीद है कि पढ़ाई का खर्च थोड़ा कंट्रोल में रहेगा।
Updated on:
13 Jul 2026 04:32 pm
Published on:
13 Jul 2026 04:27 pm
